भक्ति और श्रद्धा का महापर्व
नौ दिनों तक चलने वाले शारदीय नवरात्रि के पावन उत्सव का रविवार को भव्य आगाज हुआ। इस विशेष अवसर पर देश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह होते ही मंदिरों के कपाट खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें नजर आने लगीं, जो माता की भक्ति में सराबोर दिखे।
कटरा में वैष्णो देवी के दर्शन के लिए उत्साह
जम्मू के कटरा में स्थित श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यात्रा के आधार शिविर में भारी संख्या में तीर्थयात्री एकत्र हो गए हैं। मंदिर के दर्शन करने के लिए यात्रा की प्रक्रिया शुरू करने से पहले अनिवार्य RFID कार्ड प्राप्त करने हेतु काउंटरों पर लंबी कतारें देखी गईं। त्रिकूट पहाड़ियों के मध्य स्थित माता वैष्णो देवी भवन को इस बार आकर्षक रोशनी से विशेष रूप से सजाया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में एक अलौकिक और दिव्य वातावरण बन गया है। श्रद्धालु 'दर्शनी ड्योढ़ी' से ही माता के जयकारों के साथ अपनी कठिन चढ़ाई शुरू कर रहे हैं। मंदिर के एक पुजारी ने बताया कि चूंकि आज रविवार है, इसलिए भीड़ में और अधिक इजाफा हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले नौ दिनों तक इसी तरह श्रद्धालुओं का भारी तांता लगा रहेगा।
सुकराला माता मंदिर में भी खास तैयारियां
कठुआ जिले के बिल्लावर में स्थित ऐतिहासिक सुकराला माता मंदिर में भी नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही भारी भीड़ देखी जा रही है। मंदिर प्रबंधन ने परिसर को ताजे फूलों और फलों की लड़ियों से बेहद खूबसूरती से सजाया है। बिल्लावर के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) विश्वजीत सिंह ने कहा कि प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं और सुरक्षा के कड़े प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार माता के गर्भगृह को विशेष रूप से अलंकृत किया गया है ताकि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभव प्राप्त हो सके।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
तीर्थयात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है। मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) और अन्य प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो और शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन प्रक्रिया पूरी हो सके।
देश भर के मंदिरों में गूंजे माता के जयकारे
नवरात्रि के पहले दिन का प्रभाव केवल जम्मू-कश्मीर तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी वही भक्ति भाव दिखाई दिया:
- असम: गुवाहाटी की नीलगिरी पहाड़ियों पर स्थित कामाख्या देवी मंदिर में तड़के सुबह से ही भक्तों की लंबी भीड़ उमड़ पड़ी।
- उत्तराखंड: हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंच कर पूजा-अर्चना की।
- दिल्ली: राजधानी के छतरपुर मंदिर और काली बाड़ी जैसे प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं ने अपनी हाजिरी लगाई और शांति की प्रार्थना की।
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होने वाली यह नवरात्रि बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक मानी जाती है। यह त्योहार पूरे नौ दिनों तक चलता है और इसका समापन विजयादशमी या दशहरा के साथ होता है, जो समाज में सकारात्मकता और बुराई के विनाश का संदेश देता है।
https://www.indiatv.in/jammu-and-kashmir/devotees-throng-shri-mata-vaishno-devi-temple-in-katra-to-offer-prayers-on-first-day-of-shardiya-navratri-2026-10-11-1248162