सनातन हिंदू एकता रथयात्रा का आगाज
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी बहुप्रतीक्षित सनातन हिंदू एकता रथयात्रा की रूपरेखा तैयार कर ली है। यह विशेष धार्मिक और सामाजिक अभियान 11 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है, जो कि नवरात्रि का पहला दिन भी है। यात्रा का शुभारंभ छतरपुर जिले के गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम से होगा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में वैचारिक क्रांति लाना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और हिंदू समाज को एक सूत्र में पिरोना है।
यात्रा का स्वरूप और लक्ष्य
यह रथयात्रा कुल 5 दिनों की अवधि में संपन्न होगी। इस दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री बुंदेलखंड अंचल के 5 जिलों का भ्रमण करेंगे और 500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेंगे। यात्रा की शुरुआत प्रत्येक दिन सुबह 9:30 बजे से 10:00 बजे के बीच होगी, जिसमें हनुमान चालीसा का पाठ और राष्ट्रगान अनिवार्य रूप से शामिल रहेगा। यात्रा के दौरान रुकने वाले स्थानों पर धार्मिक दरबार, मंचीय कार्यक्रमों और हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन किया जाएगा। पंडित शास्त्री का मानना है कि बुंदेलखंड से जातिवाद की बेड़ियों को तोड़कर राष्ट्रवाद के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना ही इस यात्रा की सार्थकता है।
यात्रा का विस्तृत रूट प्लान
रथयात्रा का पांचों दिनों का कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
- 11 अक्टूबर: यात्रा बागेश्वर धाम से रवाना होकर बमीठा, चंद्रनगर, अजयगढ़ और सिंहपुर के रास्ते पन्ना पहुंचेगी। यहां अजयगढ़ में भोजन और विश्राम के बाद रात्रि का पड़ाव पन्ना के रघुलीला पैलेस और मधुवन पैलेस में होगा।
- 12 अक्टूबर: यात्रा पन्ना से निकलकर अमानगंज, पवई और मोहेंदा होते हुए हटा पहुंचेगी, जहां श्री गौरीशंकर मंदिर में रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है।
- 13 अक्टूबर: यह काफिला हिंडोरिया, दमोह और गढ़ाकोटा होते हुए रेहली के रास्ते सागर तक जाएगा। रात्रि विश्राम श्री बालाजी मंदिर में सुनिश्चित किया गया है।
- 14 अक्टूबर: यात्रा का सफर कार्रपुरा, बंडा, शाहगढ़ और बड़ागांव से होते हुए टीकमगढ़ की ओर बढ़ेगा, जहां शासकीय पी.जी. कॉलेज में रात्रि विश्राम होगा।
- 15 अक्टूबर: यात्रा का अंतिम चरण जतारा, पलेरा और नौगांव से होते हुए छतरपुर पहुंचेगी। यहां भव्य हवन और यज्ञ के साथ इस पांच दिवसीय यात्रा का समापन होगा।
साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति
इस धार्मिक आयोजन में देश के कई प्रख्यात संत और महापुरुष भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार, लगभग 20 साधु-संत इस यात्रा में शामिल होंगे। इनमें प्रमुख रूप से आचार्य इंद्रेशजी, देवी चित्रलेखा और हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास जी महाराज के नाम शामिल हैं, जो यात्रा के विभिन्न चरणों में सहभागी बनेंगे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस बड़े आयोजन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा की अभेद्य तैयारी की है। छतरपुर एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य जोन और जिलों से भी बल को बुलाया जाएगा। सभी पांचों जिलों के कलेक्टर और एसपी व्यक्तिगत रूप से व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी कैमरे, एस्कॉर्ट गाड़ियां, महिला पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और रस्सा पार्टी को तैनात किया गया है। साथ ही, बागेश्वर धाम की अपनी विशेष निगरानी समिति भी रात के समय सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर रखेगी। पुलिस प्रशासन ने छतरपुर रेलवे स्टेशन ग्राउंड में पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर भी पूरी तैयारी कर ली है।
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