दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में नया अध्याय
राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था अब और अधिक मजबूत होने वाली है। केंद्र सरकार ने सुरक्षा प्रबंधन में बदलाव करते हुए छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के होनहार आईपीएस अधिकारी डॉ. संतोष कुमार सिंह को सीआईएसएफ (CISF) का डीआईजी (दिल्ली मेट्रो) नियुक्त किया है। दिल्ली मेट्रो में रोजाना 80 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं और वर्तमान में बढ़ते सामाजिक व राजनीतिक प्रदर्शनों के कारण यहां सुरक्षा और भीड़ का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। डॉ. संतोष कुमार सिंह की नियुक्ति इसी सुरक्षा तंत्र को चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के रहने वाले डॉ. संतोष कुमार सिंह ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा और फील्ड पोस्टिंग के दौरान किए गए नवाचारों से अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
नक्सल मोर्चे से लेकर 9 जिलों की कप्तानी तक का सफर
डॉ. संतोष कुमार सिंह के पास जमीनी पुलिसिंग का व्यापक अनुभव है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सेवाओं के जरिए खुद को एक बेहतरीन रणनीतिकार के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने अपने करियर के दौरान रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और राजनांदगांव सहित कुल 9 जिलों में एसपी और एसएसपी के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा, उन्होंने बस्तर और सुकमा जैसे बेहद चुनौतीपूर्ण और नक्सल प्रभावित इलाकों में भी काम किया है। कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और नक्सली हिंसा को नियंत्रित करने के उनके अनुभव का लाभ अब दिल्ली की जनता को मिलेगा।
नशा विरोधी अभियान और ग्लोबल पहचान
डॉ. सिंह केवल सख्त पुलिसिंग के लिए ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और इनोवेटिव पुलिसिंग के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने नशीले पदार्थों के खिलाफ 'निजात' नामक एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया था। इस अभियान की विशेषता यह थी कि इसमें केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं की गई, बल्कि नशामुक्ति के लिए काउंसिलिंग और पुनर्वास पर भी विशेष जोर दिया गया। उनकी इसी नवाचारी सोच के कारण साल 2021 में उन्हें अमेरिका की प्रतिष्ठित इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ चीफ्स ऑफ पुलिस (IACP) की ओर से ’40 Under 40’ ग्लोबल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उन्हें महासमुंद में बच्चों के अनुकूल पुलिसिंग पहल के लिए दिया गया था।
स्कॉलर-वॉरियर की शैक्षणिक यात्रा
आईपीएस अधिकारियों के बीच डॉ. संतोष कुमार सिंह को 'स्कॉलर-वॉरियर' (विद्वान योद्धा) कहा जाता है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि अत्यंत प्रभावशाली रही है। उन्होंने बीएचयू (BHU) से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन के दौरान टॉप किया और पोस्ट-ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल हासिल किया। अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने यूजीसी नेट-जेआरएफ (UGC NET-JRF) पास किया और जेएनयू से इंटरनेशनल रिलेशंस में एमफिल करने के बाद पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति स्थापना अभियानों पर 'इंस्टीट्यूशनलइजेशन ऑफ पीस-बिल्डिंग' नामक किताब भी लिखी है। साल 2010 की यूपीएससी सीएसई परीक्षा में उन्होंने 369वीं रैंक हासिल की थी।
औद्योगिक सुरक्षा से दिल्ली मेट्रो की जिम्मेदारी
डॉ. संतोष कुमार सिंह मार्च 2026 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आए थे। इसके बाद उन्हें हैदराबाद में सीआईएसएफ साउथ जोन-2 का डीआईजी बनाया गया था, जहां वे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में स्थित महत्वपूर्ण बंदरगाहों और प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की कमान संभाल रहे थे। औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में उनकी कुशलता को देखते हुए अब उन्हें दिल्ली मेट्रो जैसी विशाल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की जिम्मेदारी दी गई है। केंद्र सरकार के इस फैसले से यह संकेत स्पष्ट है कि सुरक्षा के मोर्चे पर किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी और डॉ. सिंह जैसे अनुभवी अधिकारी अपनी रणनीतिक दक्षता से मेट्रो सुरक्षा को और अभेद्य बनाएंगे।
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