उपचुनाव के नतीजों से बदली राजनीतिक तस्वीर
हाल ही में देश के चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में संपन्न हुए उपचुनावों के परिणाम सामने आ चुके हैं। इन नतीजों ने कई प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय खड़ा कर दिया है और उन्हें अपनी आगे की चुनावी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने अभूतपूर्व जीत दर्ज करते हुए अपने राजनीतिक कद को और ऊँचा किया है। वहीं, असम की नागांव लोकसभा सीट भी भाजपा की झोली में गई। पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की सहयोगी पार्टी ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस यानी AINRC ने अपना कब्जा जमाया। दूसरी ओर, दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु की धारापुरम और मदुरांतकम सीटों पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK ने जीत का परचम लहराया है।
पश्चिम बंगाल: रेजीनगर में भाजपा की ऐतिहासिक जीत
पश्चिम बंगाल की दो सीटों पर भाजपा का परचम लहराना इस पूरे उपचुनाव का सबसे चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। रेजीनगर सीट, जिसे लंबे समय से मुस्लिम बहुल क्षेत्र माना जाता रहा है, वहां भाजपा उम्मीदवार शंखराव सरकार ने जबरदस्त जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 1,29,914 वोट प्राप्त हुए। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आम जनता उन्नयन पार्टी यानी AJUP के प्रत्याशी गोलाम नबी आजाद, जिन्हें रॉबिन के नाम से भी जाना जाता है, को 75,816 मतों के भारी अंतर से हराया। कांग्रेस के प्रत्याशी अब्दुल्लाहिल काफ़ी को महज 6,168 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी की स्थिति और भी खराब रही, उन्हें केवल 3,847 वोट ही प्राप्त हुए। रेजीनगर के इतिहास में भाजपा की यह पहली जीत है।
रेजीनगर में भाजपा की सफलता के सूत्र
रेजीनगर जैसे मुस्लिम बहुल क्षेत्र में भाजपा की यह जीत राजनीतिक विश्लेषकों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। चुनाव प्रचार के दौरान पश्चिम बंगाल के प्रमुख नेता शुभेंदु अधिकारी ने अल्पसंख्यक समुदाय से अपील की थी कि वे भाजपा के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाएं और विकास के एजेंडे को समर्थन दें। नतीजों के बाद अधिकारी ने दावा किया कि अल्पसंख्यक समुदाय ने भाजपा को एक नया दोस्त माना है। उनके अनुसार, रेजीनगर में लगभग 60 प्रतिशत और नंदीग्राम में करीब 80 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया है।
विकास का वादा और शुभेंदु अधिकारी की रणनीति
चुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि वे सांप्रदायिक राजनीति से दूर रहना चाहते हैं। उन्होंने क्षेत्र में अस्पताल, पुल, कॉलेज के निर्माण और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने का वादा किया था। प्रवासी मजदूरों की समस्याओं के समाधान और उन्हें वापस घर लाने के मुद्दे ने भी मतदाताओं को प्रभावित किया। अधिकारी ने कहा कि लोगों ने यह समझ लिया है कि पिछली सरकारों के दौरान उन्हें केवल गुमराह किया गया था।
प्रबाल लाहा ने बताया बदलाव का कारण
रेजीनगर सीट के चुनाव प्रभारी प्रबाल लाहा ने इस जीत का श्रेय भाजपा के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे को दिया है। आंकड़ों पर गौर करें तो भाजपा की लोकप्रियता में आया बदलाव साफ नजर आता है। साल 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार बापन घोष को 64,660 वोट मिले थे, जबकि इस बार शंखराव सरकार को 1,29,914 वोट मिले हैं, जो कि वोटों की संख्या को लगभग दोगुना दर्शाता है।
नंदीग्राम में भाजपा का रिकॉर्ड प्रदर्शन
नंदीग्राम सीट पर भी भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत की है। हासिरानी रथ ने कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक रिकॉर्ड अंतर से परास्त किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हासी रानी रथ ने 1,22,753 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र 41,674 वोट मिले। उल्लेखनीय है कि ममता बनर्जी ने इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन किया था, लेकिन यह रणनीति भी भाजपा के बढ़ते प्रभाव को रोकने में विफल रही।
असम की नागांव सीट पर कांग्रेस की करारी हार
असम की नागांव लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा के देवाशीष शर्मा ने जीत दर्ज की है। इस मुकाबले में कांग्रेस की स्थिति बेहद कमजोर रही और वह दूसरे स्थान पर भी नहीं पहुंच सकी। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी AIUDF के बदरुद्दीन अजमल दूसरे स्थान पर रहे। चुनाव आयोग के अनुसार, देवाशीष शर्मा को 47,402 वोट, बदरुद्दीन अजमल को 21,107 वोट और कांग्रेस की सिबामोनी बोरा को केवल 6,544 वोट मिले। यह सीट कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।
अखिल गोगोई का कांग्रेस पर तीखा हमला
असम में कांग्रेस की करारी हार के बाद रायजोर दल के संस्थापक अखिल गोगोई ने अपनी ही गठबंधन सहयोगी कांग्रेस को आत्ममंथन करने की कड़ी सलाह दी है। उन्होंने असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई की भूमिका पर सवाल उठाए और उनसे इस्तीफे की मांग की। दूसरी ओर, बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस को भाजपा की बी-टीम करार देते हुए अपनी हार के लिए कांग्रेस को ही जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हार स्वीकार न कर पाना कांग्रेस की पुरानी आदत है।
पुडुचेरी और तमिलनाडु में चुनावी हलचल
पुडुचेरी की थट्टानचावडी सीट पर एनडीए की सहयोगी पार्टी एआईएनआरसी के अशोक आनंद ने जीत दर्ज की। यह सीट मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के दो सीटों पर जीतने और मंगलम सीट को अपने पास रखने के कारण रिक्त हुई थी। उधर, तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके ने बड़ी सफलता प्राप्त की। धारापुरम में पी. सत्यभामा ने डीएमके की सुगन्या एस. को 9,471 वोटों से हराया, जबकि मदुरांतकम में के. मरागतम कुमारवेल ने डीएमके के आई. परंतामेन को 20,040 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस परिणाम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे विश्वासघात की राजनीति करार दिया।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की प्रतिक्रिया
इन परिणामों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये नतीजे भाजपा-एनडीए के सुशासन के प्रति जनता के भरोसे का प्रमाण हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जनता ने विपक्ष के दुष्प्रचार को पूरी तरह नकार दिया है। भाजपा महासचिव स्मृति ईरानी ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पार्टी लगातार जीत हासिल कर रही है। हालांकि, विपक्ष ने चुनाव आयोग पर धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन भाजपा ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
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