स्टारलिंक के मुद्दे पर भारत सरकार का एलन मस्क को कड़ा संदेश, कहा- नियम सभी कंपनियों के लिए एक समान हैं

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्टारलिंक जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भारतीय कानूनों और डेटा सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है, क्योंकि नियम सभी के लिए बराबर हैं।

दूरसंचार क्षेत्र में कड़े नियम और भारत की प्राथमिकता

भारत वर्तमान में इंटरनेट और मोबाइल उपयोगकर्ताओं के मामले में दुनिया का सबसे विशाल बाजार बनकर उभरा है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर की दिग्गज कंपनियां भारत में अपने पैर पसारने के लिए उत्सुक हैं। हालांकि, भारत सरकार ने किसी भी अंतरराष्ट्रीय कंपनी के प्रवेश के लिए स्पष्ट शर्तें निर्धारित की हैं। पहली शर्त यह है कि विदेशी कंपनियों को भारत के स्थानीय कानूनों का पूर्णतः पालन करना होगा। दूसरी और अत्यंत महत्वपूर्ण शर्त यह है कि भारतीय उपयोगकर्ताओं का डेटा भारत के भीतर ही सुरक्षित रखा जाना चाहिए। यह प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता के दृष्टिकोण से अनिवार्य है। हालांकि, स्टारलिंक के मालिक एलन मस्क को इन नियमों का पालन करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में इंडियन मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन के समय, एलन मस्क द्वारा की गई टिप्पणियों के बाद दूरसंचार मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्हें कड़ा जवाब दिया है।

एलन मस्क के आरोप और सरकार का स्पष्ट रुख

स्टारलिंक के प्रमुख एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में कुछ प्रभावशाली उद्योगपति इंटरनेट क्षेत्र में अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं और वे स्टारलिंक की एंट्री को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। मस्क ने दावा किया कि स्टारलिंक को भारत में आने से रोकना भारतीय जनता के हितों के खिलाफ एक अपराध जैसा है। इन आरोपों के सामने आने के तुरंत बाद, दूरसंचार मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में कहा है कि भारत में दूरसंचार ऑपरेटरों के लिए नियम और कानून सभी के लिए समान हैं। किसी भी कंपनी को इस क्षेत्र में काम करने के लिए निर्धारित बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करना होगा। मंत्रालय ने दोहराया कि लाइसेंस प्राप्त करने के लिए किसी भी सैटकॉम कंपनी को डेटा सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है और सरकार लाइसेंसिंग प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करती है।

स्टारलिंक की बदली हुई रणनीति

गुरुवार को दिल्ली में संपन्न हुए मोबाइल कांग्रेस कार्यक्रम में स्टारलिंक के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। सरकार का सख्त रुख देखते ही स्टारलिंक के सुरों में नरमी देखी गई। स्टारलिंक की ओर से कहा गया कि वे भारत की स्थानीय दूरसंचार कंपनियों के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर हैं और डेटा को भारत में ही सुरक्षित रखने की शर्तों को मानने के लिए तैयार हैं। स्टारलिंक के बिजनेस ऑपरेशंस की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रायर ने बताया कि उनकी कंपनी वर्तमान में 165 देशों में सेवाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि वे भारत में कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इसके लिए उन्होंने एयरटेल और जियो जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए हैं। लॉरेन ड्रायर ने आश्वस्त किया कि उन्होंने भारतीय बाजार की मांगों के अनुरूप विशेष कंट्रोल सिस्टम तैयार किए हैं, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि भारतीय उपयोगकर्ताओं का कोई भी डेटा देश की सीमाओं से बाहर न जाए।

सियासी गलियारों में चर्चा

सरकारी नियमों पर असहमति जताते हुए एलन मस्क ने एक ट्वीट में सवाल उठाया कि स्टारलिंक को लाइसेंस देने में देरी क्यों की जा रही है? उन्होंने मुकेश अंबानी का नाम लेते हुए कटाक्ष किया कि क्या वही भारत के असली बॉस हैं? इस ट्वीट पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एलन मस्क के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखा कि भारत में आपका स्वागत है और दूसरे व्यक्ति के बारे में जानने का इंतजार करें। इस पर एलन मस्क ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि यह स्थिति वाकई चिंताजनक है।

https://www.indiatv.in/india/national/india-government-telecom-ministry-direct-reply-to-elon-musk-regarding-starlink-issue-says-rules-are-same-for-everyone-2026-10-08-1247778