हार्ट अटैक, कार्डिएक अरेस्ट और स्ट्रोक में क्या है अंतर? जानिए शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों पर इनके खतरे

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर के बीच जानिए कार्डिएक अरेस्ट, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के बीच का महत्वपूर्ण अंतर और इनके मुख्य लक्षण।

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का कार्डिएक अरेस्ट के कारण निधन हो गया है। इस दुखद खबर के बाद से ही लोग इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर कार्डिएक अरेस्ट क्या होता है। अक्सर लोग हार्ट अटैक, कार्डिएक अरेस्ट और स्ट्रोक को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान में ये तीनों बेहद अलग और गंभीर स्थितियां हैं।

इस विषय पर पूरी जानकारी देने के लिए नई दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. नित्यानंद त्रिपाठी ने इन तीनों बीमारियों के बीच के अंतर को विस्तार से समझाया है। आइए जानते हैं कि ये तीनों बीमारियां एक-दूसरे से किस तरह अलग हैं और इनके लक्षण क्या हैं।

हार्ट अटैक: जब दिल तक नहीं पहुंच पाता खून

हार्ट अटैक को चिकित्सकीय भाषा में मायोकार्डियल इन्फार्क्शन भी कहा जाता है। यह मुख्य रूप से रक्त परिसंचरण यानी सर्कुलेशन से जुड़ी एक समस्या है। जब हृदय की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है, तब हार्ट अटैक की स्थिति बनती है।

अगर इस रुकावट को तुरंत ठीक न किया जाए, तो दिल का वह हिस्सा काम करना बंद कर देता है जिससे मरीज की जान को खतरा हो सकता है। हार्ट अटैक के दौरान दिल धड़कना बंद नहीं करता, बल्कि उसे काम करने में भारी परेशानी होती है।

कार्डिएक अरेस्ट: जब अचानक रुक जाती है दिल की धड़कन

कार्डिएक अरेस्ट मुख्य रूप से एक इलेक्ट्रिकल समस्या है। इसमें दिल के भीतर होने वाली विद्युत गतिविधियों में गड़बड़ी आ जाती है, जिससे दिल अचानक और अप्रत्याशित रूप से धड़कना बंद कर देता है। इसके कारण शरीर के अन्य हिस्सों और मस्तिष्क तक खून पहुंचना बंद हो जाता है।

कार्डिएक अरेस्ट होने पर व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाता है और उसकी सांसें रुक जाती हैं। यदि इस स्थिति में मरीज को तुरंत सीपीआर या शॉक न दिया जाए, तो कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो सकती है। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन भी इसी गंभीर स्थिति के कारण हुआ है।

स्ट्रोक: जब दिमाग पर होता है हमला

हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट के बाद तीसरा महत्वपूर्ण टर्म स्ट्रोक है। स्ट्रोक का सीधा संबंध हमारे दिमाग से होता है। इसे अक्सर 'ब्रेन अटैक' भी कहा जाता है।

जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है या वहां की कोई रक्त वाहिका फट जाती है, तो स्ट्रोक की स्थिति पैदा होती है। इसके कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे तेजी से नष्ट होने लगती हैं। स्ट्रोक के कारण शरीर का कोई हिस्सा सुन्न हो सकता है या लकवा मार सकता है।

तीनों स्थितियों में मुख्य अंतर

  • हार्ट अटैक एक सर्कुलेशन यानी खून के बहाव की समस्या है, जिसमें दिल की मांसपेशियों तक खून नहीं पहुंच पाता।
  • कार्डिएक अरेस्ट एक इलेक्ट्रिकल समस्या है, जिसमें दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है।
  • स्ट्रोक एक मस्तिष्क संबंधी समस्या है, जिसमें दिमाग तक खून का प्रवाह रुक जाता है।

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