पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मौसम के मिजाज में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब राज्य में ठंड ने आधिकारिक रूप से दस्तक दे दी है। रातों के तापमान में आ रही गिरावट के बीच मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए एक नया अपडेट जारी किया है, जिसमें बारिश और बर्फबारी को लेकर कुछ विशेष तारीखों की घोषणा की गई है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले और वहां की यात्रा करने वाले लोगों को इन तारीखों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का ताजा अनुमान और येलो अलर्ट
शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और अधिक बिगड़ सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 08, 09, 13 और 14 अक्तूबर को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होने के आसार हैं। इस मौसमी बदलाव के चलते न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को राज्य के चुनिंदा इलाकों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आंधी चलने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 09 अक्तूबर को किसी भी तरह का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रही, जिसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मनाली से अपनी यात्रा पूरी कर दिल्ली लौट गईं।
पालमपुर में दर्ज की गई सर्वाधिक बारिश, कई इलाकों में ओलावृष्टि
बुधवार को समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में जमकर बादल बरसे। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा बारिश पालमपुर में दर्ज की गई, जहां कुल 82.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में बारिश का आंकड़ा इस प्रकार रहा:
- सराहन: 28.7 मिलीमीटर
- कोठी: 19 मिलीमीटर
- भटियात: 18.3 मिलीमीटर
- जोत: 17.8 मिलीमीटर
- गुलेर: 16.7 मिलीमीटर
- शिमला: 12 मिलीमीटर
- मनाली: 11 मिलीमीटर
इसके अतिरिक्त सुंदरनगर, भुंतर, शिमला, जुब्बड़हट्टी, कांगड़ा, जोत और मुरारी देवी जैसे क्षेत्रों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं पालमपुर, शिमला और जोत में भारी ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे मौसम में अचानक ठंडक बढ़ गई है।
तापमान का उतार-चढ़ाव और बाईपास पर भूस्खलन
बदलते मौसम के कारण हिमाचल के तापमान में भी बड़ा अंतर देखा जा रहा है। रात के समय लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 2.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके विपरीत, मैदानी क्षेत्र का ऊना जिला दिन के समय सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम के बिगड़ने के साथ ही राज्य में भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं। शिमला के ढली के पास शोगी-ढली बाईपास मार्ग पर अचानक एक पहाड़ी दरक गई। जिस समय यह भूस्खलन हुआ, वहां से दो वाहन गुजर रहे थे, लेकिन सौभाग्य से दोनों वाहनों में सवार लोग सुरक्षित बच गए। इस घटना का एक वीडियो भी इंटरनेट और सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है, जिसमें सड़क किनारे खड़े वाहनों के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरता नजर आ रहा है।
शिमला पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस हादसे में किसी भी तरह के जान-माल या वाहनों के नुकसान की कोई खबर नहीं है। एहतियात के तौर पर इस सड़क को थोड़ी देर के लिए बंद किया गया था, लेकिन स्थिति पर काबू पाने के बाद इसे दोबारा वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है।
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