सीतामढ़ी में तांत्रिक के हाथों बच्चों पर जुल्म: इलाज के नाम पर क्रूरता का जिम्मेदार कौन

सीतामढ़ी में इलाज के नाम पर बच्चों को प्रताड़ित करने वाले तांत्रिक की गिरफ्तारी के बाद समाज में अंधविश्वास पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

अंधविश्वास की पराकाष्ठा और मासूमों का दर्द

सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड स्थित महादेवपट्टी गांव में सामने आई घटना ने पूरे समाज को शर्मसार कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक व्यक्ति बच्चों के साथ अत्यंत अमानवीय व्यवहार करता नजर आ रहा है। वह बच्चों को झकझोर रहा है, उनके पैर पकड़कर हवा में तेजी से घुमा रहा है और फिर उन्हें जमीन पर पटक रहा है। आरोपी का दावा है कि वह इस क्रूर तरीके से बच्चों का इलाज कर रहा था। इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया है।

माता-पिता की भूमिका पर गंभीर सवाल

इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि बीमार बच्चों को उस तांत्रिक के पास कोई और नहीं, बल्कि उनके अपने माता-पिता और नजदीकी परिजन ही लेकर गए थे। यह घटना मात्र एक व्यक्ति की सनक नहीं है, बल्कि उस गहरे अंधविश्वास को दर्शाती है जो आधुनिक युग में भी हमारे समाज की जड़ों में बैठा है। जब परिजन बीमार बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय तांत्रिक के पास ले जाते हैं, तो वे अनजाने में ही बच्चों की जान को खतरे में डाल रहे होते हैं। यह मामला हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर कब तक लोग इलाज के नाम पर अपने बच्चों को ऐसी पीड़ा झेलने के लिए मजबूर करते रहेंगे।

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