दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस का एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट इस समय देश की सियासत का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। कनॉट प्लेस में स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में बुधवार दोपहर को जबरदस्त राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी गठबंधन यानी इंडी अलायंस के तमाम सांसदों को आज दोपहर के भोजन पर आमंत्रित किया है। इस वीआईपी लंच में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित विपक्ष के तमाम बड़े सांसद एक-एक करके सागर रत्ना रेस्टोरेंट पहुंचे हैं। विपक्षी नेताओं के इस बड़े जमावड़े को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। रेस्टोरेंट के आसपास के फुटपाथों की सुरक्षा घेराबंदी कर दी गई है और चारों तरफ बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं।
चुनाव आयोग के खिलाफ रणनीति पर महामंथन की तैयारी
जिस रेस्टोरेंट में विपक्षी सांसदों को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया गया है, उसकी भौगोलिक स्थिति भी बेहद खास है। यह रेस्टोरेंट दिल्ली के ऐतिहासिक प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। जंतर-मंतर के इतने करीब होने की वजह से पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष ने जो मोर्चा खोला है, उसे लेकर इस लंच के दौरान गहन मंथन होने वाला है।
विपक्षी दल इस बैठक में अपनी आगे की रणनीति तय कर सकते हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त पर इस्तीफे का दबाव किस प्रकार बनाया जाए। इसके साथ ही, SIR के मुद्दे पर चुनाव आयोग को घेरने का जो सुनहरा अवसर विपक्ष के हाथ लगा है, उसे वे आगामी दिनों में बड़े राजनीतिक फायदे के रूप में कैसे बदल सकते हैं, इस पर भी गंभीर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
'बस इंतजार करिए और देखिए' - वामपंथी सांसद का बयान
इस सियासी लंच में हिस्सा लेने के लिए सागर रत्ना रेस्टोरेंट पहुंचे कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के सांसद पी. संदोष कुमार ने मीडिया से बातचीत में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रणनीति का असली मतलब ही यही होता है कि उसे सार्वजनिक न किया जाए। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि हम अपनी रणनीति को सबके सामने खोलकर नहीं रखना चाहते हैं, इसलिए फिलहाल आप सभी बस इंतजार करिए और देखिए कि आगे क्या होता है।
सांसद पी. संदोष कुमार ने आगे कहा कि अभी के लिए यह केवल दोपहर के भोजन का एक आमंत्रण है। भोजन करने के साथ-साथ हम सभी नेता आपस में मिलकर आगामी कार्रवाई की रूपरेखा पर बातचीत करेंगे और उसके बाद ही कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा।
मंगलवार के हंगामे और हिरासत के बाद आज का सियासी लंच
इस लंच डिप्लोमेसी की टाइमिंग भी बेहद दिलचस्प है। इससे ठीक एक दिन पहले, यानी मंगलवार को विपक्षी दलों के भारी विरोध मार्च के दौरान एक बड़ा सियासी नाटक देखने को मिला था। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया था। जब कांग्रेस के इन शीर्ष नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा था, उस समय सड़क पर भारी हंगामा और पुलिस के साथ नोकझोंक देखने को मिली।
हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल हिरासत के कुछ ही समय बाद यह स्पष्ट हो गया था कि कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया जाएगा। आखिरकार वैसा ही हुआ और पुलिस ने राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी सहित हिरासत में लिए गए सभी कांग्रेसी नेताओं को छोड़ दिया। इस पूरे विरोध-प्रदर्शन के दौरान काफी ड्रामा हुआ, जिसमें राहुल गांधी पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे और सीधे आकाशवाणी भवन के भीतर पहुंच गए। उन्होंने आकाशवाणी भवन के अंदर के रास्ते से चुनाव आयोग के दफ्तर तक पहुंचने की कोशिश की थी।
आकाशवाणी भवन में जबरन घुसने की शिकायत भी दर्ज
मंगलवार को हुए इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद अब कानूनी पचड़ा भी बढ़ता नजर आ रहा है। आकाशवाणी के कार्यालय परिसर में कथित तौर पर जबरन घुसने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनके साथ मौजूद अन्य नेताओं तथा सांसदों के खिलाफ दिल्ली पुलिस को एक लिखित शिकायत भी सौंपी गई है। ऐसे में आज होने वाला यह लंच केवल भोजन का जरिया नहीं, बल्कि सरकार और जांच एजेंसियों के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता दिखाने का एक बड़ा जरिया बन गया है।
https://www.indiatv.in/india/politics/congress-president-mallikajun-kharge-has-invited-indi-alliance-mps-for-lunch-at-sagar-ratna-restaurant-2026-10-07-1247454