चीनी के विकल्प के रूप में गुड़ या शहद का उपयोग: क्या ये वाकई स्वास्थ्यवर्धक हैं?

चीनी का सेवन कम करने के लिए लोग अक्सर गुड़, शहद या खजूर का रुख करते हैं, लेकिन क्या ये सच में सुरक्षित हैं? न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने बताया कि ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए कौन सा विकल्प सबसे सही है।

चीनी के विकल्पों की सच्चाई

आजकल स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण लोग सफेद चीनी से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बदलाव में अधिकांश लोग चीनी के स्थान पर गुड़, शहद या खजूर जैसे विकल्पों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। सामान्य धारणा यह है कि ये प्राकृतिक विकल्प स्वास्थ्य के लिए चीनी से अधिक लाभकारी हैं। हालांकि, क्या ये विकल्प वास्तव में ब्लड शुगर के स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं या ये भी नुकसानदेह हो सकते हैं? न्यूट्रिशनिस्ट और वेट लॉस कोच लीमा महाजन ने इन विकल्पों के ग्लाइसेमिक इंडेक्स और उनके प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है ताकि आप अपनी डाइट के लिए सही चुनाव कर सकें।

विभिन्न स्वीटनर्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स

चीनी के विकल्पों की तुलना करते समय ग्लाइसेमिक इंडेक्स एक महत्वपूर्ण कारक है जो यह निर्धारित करता है कि कोई पदार्थ ब्लड शुगर को कितनी तेजी से बढ़ाता है। यहाँ प्रमुख विकल्पों का विश्लेषण दिया गया है:

  • गुड़: लीमा महाजन के अनुसार, गुड़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स चीनी से कहीं अधिक होता है, जो इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए एक जोखिम भरा विकल्प बनाता है। गुड़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 84 से 86 के बीच होता है, जबकि साधारण चीनी का यह स्तर लगभग 65 के आसपास रहता है। इस कारण गुड़ का सेवन शुगर के स्तर में तेजी से उछाल ला सकता है।
  • शहद: शहद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 45 के आसपास मापा गया है, जो गुड़ की तुलना में काफी कम है। यह ब्लड शुगर पर मध्यम प्रभाव डालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसे रोजाना पांच ग्राम तक की सीमित मात्रा में उपयोग करना सुरक्षित माना जा सकता है।
  • खजूर पाउडर: खजूर पाउडर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 40 से 50 के दायरे में रहता है, जो लगभग शहद के समान है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण इसका ग्लाइसेमिक लोड शहद से कम हो सकता है। यद्यपि यह भी ब्लड शुगर बढ़ा सकता है, लेकिन इसका प्रभाव गुड़ या शहद की तुलना में कम देखा गया है।
  • स्टीविया: स्टीविया एक प्राकृतिक पौधा है जो साधारण चीनी की तुलना में 200 से 300 गुना अधिक मीठा होता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कैलोरी की मात्रा शून्य होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी जीरो है, जिसका अर्थ है कि यह ब्लड शुगर को बिल्कुल भी नहीं बढ़ाता।
  • फ्रूट स्वीटनर: यह भी एक प्राकृतिक विकल्प है जो चीनी से 150 से 200 गुना अधिक मीठा होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी जीरो होने के कारण यह शुगर स्पाइक नहीं करता है।

विशेषज्ञों की सलाह और सही विकल्प का चुनाव

न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन स्पष्ट करती हैं कि यदि आप डायबिटीज से जूझ रहे हैं, पीसीओडी की समस्या है या फिर वजन कम करने का लक्ष्य रखा है, तो स्टीविया और फ्रूट स्वीटनर आपके लिए सबसे बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकते हैं। हालांकि, बाजार से कोई भी उत्पाद खरीदते समय सावधानी बरतना आवश्यक है। जिन भी खाद्य पदार्थों में स्वीटनर का इस्तेमाल होता है, उन्हें खरीदने से पहले उनके पैकेट पर लगे लेबल को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उनमें शामिल अन्य सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच जरूर करें।

https://www.indiatv.in/health/is-it-healthy-to-replace-sugar-with-jaggery-honey-or-dates-nutritionist-explains-which-option-is-better-2026-10-06-1247306