देश के कई हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव
भारत के विभिन्न राज्यों में एक बार फिर मौसम का मिजाज करवट ले रहा है। पश्चिमी विक्षोभ समेत कई मौसमी प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में बारिश, आंधी और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से उत्तराखंड के लिए 6 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक का येलो अलर्ट घोषित किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के साथ तेज गरज-चमक और हवाएं चलने की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम का हाल तुलनात्मक रूप से शुष्क बने रहने का अनुमान है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का मौसम
दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और हल्की बारिश या छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, तापमान में बहुत बड़ी गिरावट के आसार नहीं हैं और आज का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। वहीं पालम में यह 23.6 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड पर 24.1 डिग्री सेल्सियस, रिज क्षेत्र में 21.5 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा है।
जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश तक बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां प्रभावी रहेंगी। 6 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। इसी तरह पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बिजली गिरने और आंधी के साथ बारिश की संभावना है। 6 अक्टूबर से 9 अक्टूबर के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद में काफी व्यापक स्तर पर बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग ने विशेष चिंता जताई है। 6 और 7 अक्टूबर को नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जैसे जिलों में मध्यम बारिश और तेज गर्जना हो सकती है। चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों के लिए यह अलर्ट और महत्वपूर्ण है, जहां 6 से 8 अक्टूबर के बीच 4200 मीटर और इससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी की पूरी संभावना है। इसके साथ ही, 9 से 11 अक्टूबर के दौरान 3800 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फ की चादर बिछ सकती है।
मध्य और पूर्वी भारत में बारिश की स्थिति
मध्य भारत के राज्यों, विशेषकर छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 अक्टूबर से 10 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना है, जबकि गरज-चमक का प्रभाव 6 से 9 अक्टूबर के दौरान देखा जाएगा। विदर्भ के इलाकों में भी 6 और 7 अक्टूबर को आंधी और बारिश का असर बना रह सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 और 11 अक्टूबर के लिए बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश का दौर जारी रहेगा। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिण भारत में भी मौसम का हाल
दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम खराब रहने के संकेत हैं। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में बारिश की सक्रियता देखी जाएगी। विशेष रूप से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक बिजली कड़कने, आंधी चलने और तेज हवाओं के झोंके महसूस किए जा सकते हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के क्षेत्रों में भी मौसम प्रतिकूल रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
मौसम विभाग ने आम जनता से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषकर आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर न जाने और पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। जिन क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है, वहां के पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को मौसम की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
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