деб्यू की निराशा और एक कड़वी शुरुआत
क्रिकेट के खेल में किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है कि उसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू शानदार हो। एक गेंदबाज जहां अपने पहले मैच में छाप छोड़ने की उम्मीद करता है, वहीं एक बल्लेबाज चाहता है कि वह अपनी पहली पारी को यादगार बनाए। हालांकि, खेल का मैदान अनिश्चितताओं से भरा होता है। कई बार बड़े से बड़े दिग्गजों के लिए भी पहली सीढ़ी पार करना मुश्किल हो जाता है। आज हम बात करेंगे भारतीय क्रिकेट के उन 4 प्रमुख बल्लेबाजों की, जिनका टी20 इंटरनेशनल करियर बेहद खराब तरीके से शुरू हुआ था और वे अपने डेब्यू मैच में ही बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए थे।
महेंद्र सिंह धोनी
भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी का नाम इस सूची में शामिल है। धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को पहला टी20 विश्व कप दिलाया और टीम को कई बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंचाया। बावजूद इसके, उनके अंतरराष्ट्रीय टी20 सफर की शुरुआत एक बुरे सपने जैसी थी। साल 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ धोनी ने अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला था। उस मुकाबले में धोनी केवल 2 गेंदों का सामना कर पाए थे और अंततः बोल्ड हो गए। यह एक ऐसा पल है जो उनके शानदार करियर के शुरुआती अध्याय का हिस्सा बनकर रह गया।
केएल राहुल
मौजूदा समय में भले ही केएल राहुल भारतीय टी20 टीम का नियमित हिस्सा न हों, लेकिन एक दौर ऐसा था जब उन्हें इस फॉर्मेट का सबसे आक्रामक और भरोसेमंद बल्लेबाज माना जाता था। हालांकि, टी20 में उनके आंकड़ों के बावजूद, उनके करियर का आगाज बेहद फीका रहा था। केएल राहुल ने साल 2016 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अपने करियर के इस पहले मुकाबले में वे गोल्डन डक का शिकार हो गए थे, यानी वे अपनी पहली ही गेंद पर आउट होकर वापस लौट गए थे।
पृथ्वी शॉ
सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ की प्रतिभा पर कभी किसी को शक नहीं रहा, लेकिन उनका अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर कुछ ऐसा रहा जिसे वे कभी याद नहीं रखना चाहेंगे। शॉ ने साल 2021 में श्रीलंका के खिलाफ टी20 डेब्यू किया था। दुर्भाग्यवश, वे भी अपने पहले ही मैच में गोल्डन डक पर आउट हो गए। स्थिति इतनी खराब रही कि उस डेब्यू मैच के बाद से उन्हें भारतीय टीम की तरफ से इस छोटे फॉर्मेट में दोबारा खेलने का मौका ही नहीं मिल सका।
अभिषेक शर्मा
इस लिस्ट का सबसे दिलचस्प नाम अभिषेक शर्मा का है। आज अभिषेक शर्मा अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं और दुनिया भर के गेंदबाज उनके नाम से ही खौफ खाते हैं। आईपीएल में अपनी आक्रामक शैली से उन्होंने अपनी पहचान बनाई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव अलग ही स्तर का होता है। अभिषेक ने साल 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने करियर की पहली ही पारी में वे दबाव को झेल नहीं पाए और 4 गेंदें खेलने के बाद भी शून्य पर आउट हो गए। हालांकि, उन्होंने बाद में खुद को साबित किया और आज वे टीम इंडिया के एक अहम बल्लेबाज के तौर पर उभरे हैं।
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