कॉकपिट में खौफनाक साजिश का खुलासा
फ्लाईदुबई एयरलाइन की उड़ान के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी द्वारा किए गए हमले की घटना ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। जैसे-जैसे इस मामले की जांच गहराई से आगे बढ़ रही है, हमलावर हमाम के इरादों को लेकर कई बेहद गंभीर और डरावने तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच से जुड़े दावों के मुताबिक, हमाम केवल एक सनकी हमलावर नहीं है, बल्कि वह पिछले कई सालों से इजरायल जाने वाली फ्लाइट को अपना निशाना बनाने की एक गहरी और सोची-समझी साजिश रच रहा था। विमान के कॉकपिट में उसने कैप्टन स्मित पर न केवल जानलेवा हमला किया, बल्कि वह विमान के नियंत्रण को पूरी तरह अपने कब्जे में लेने की कोशिश में जुटा था ताकि बड़ी तबाही मचाई जा सके।
विमान को क्रैश करने का पुराना मंसूबा
अब जांच एजेंसियों के सामने यह सनसनीखेज जानकारी आई है कि हमाम की यह पहली कोशिश नहीं थी। उसने इससे पहले भी इसी तरह विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की नाकाम कोशिश की थी, लेकिन तब वह अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाया। फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात की एजेंसियां हमाम अल-हम्मामी से लगातार पूछताछ कर रही हैं। इस पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए हैं, उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। उसने कबूल किया है कि वह कई वर्षों से इजरायल जाने वाली किसी उड़ान को गिराने की योजना बना रहा था। इसी मकसद को पूरा करने के लिए उसने बेहद चालाकी से फ्लाईदुबई जैसी एयरलाइन में पायलट की नौकरी हासिल की, जो इजरायल के लिए अपनी सेवाएं संचालित करती है। नौकरी मिलने के बाद से ही वह अपने खौफनाक इरादों को अंजाम देने की ताक में था।
नमाज के बहाने हमले की तैयारी
कैप्टन स्मित मच्छार ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई बातचीत के दौरान घटनाक्रम का विस्तार से ब्योरा दिया। स्मित के अनुसार, को-पायलट हमाम कॉकपिट में अपनी सीट से नमाज अदा करने के बहाने उठा था। नमाज पढ़ने के बाद उसने अचानक क्रैश एक्स से कैप्टन स्मित पर हमला कर दिया। इस हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर से काफी मात्रा में खून बहने लगा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
घायल अवस्था में दिखाई अद्भुत बहादुरी
गंभीर चोट लगने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्हें पूरी तरह से अंदाजा था कि यदि हमलावर का विमान के नियंत्रण पर कब्जा हो गया, तो सैकड़ों यात्रियों की जान एक पल में खतरे में पड़ जाएगी। इसके बाद स्मित ने बहादुरी का परिचय देते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोलने का प्रयास किया। पहली बार में दरवाजा नहीं खुला और बंद हो गया, लेकिन स्मित ने हिम्मत जुटाकर दोबारा कोशिश की। इस बार वे दरवाजा खोलने में सफल रहे और यात्रियों की मदद से हमलावर को काबू कर लिया गया। इस सूझबूझ भरी कार्रवाई ने एक संभावित बड़े विमान हादसे को होने से रोक दिया और विमान को सुरक्षित रूप से डायवर्ट कर लिया गया।
जांच के दायरे में पुरानी गतिविधियां
जांच एजेंसियां अब हमाम अल-हम्मामी के पूरे एविएशन करियर और उसकी पुरानी गतिविधियों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति या किसी कट्टरपंथी संगठन का हाथ है। इसके अलावा, यह सवाल भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है कि इतने कड़े सुरक्षा मानकों के बावजूद हमाम जैसे व्यक्ति को इजरायल जाने वाली फ्लाइट के कॉकपिट तक पहुँचने की अनुमति कैसे मिल गई।
ऑस्ट्रेलिया कनेक्शन और संदिग्ध संपर्क
जांच में हमाम के ऑस्ट्रेलिया के साथ रहे संबंधों का भी खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि करीब दस साल पहले उसने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में शिक्षा प्राप्त की थी और वह आरएमआईटी यूनिवर्सिटी से जुड़ा था। ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां अब उसके उस समय के संपर्कों, गतिविधियों और दोस्तों की जानकारी जुटा रही हैं। साथ ही, उसके किसी भी संभावित कट्टरपंथी नेटवर्क या संपर्कों की गहन जांच की जा रही है।
इजरायली पीएम का न्योता और सम्मान
कैप्टन स्मित की बहादुरी से प्रभावित होकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनसे फोन पर बातचीत की। नेतन्याहू ने न केवल उन्हें धन्यवाद दिया, बल्कि इजरायल आने का विशेष निमंत्रण भी दिया। नेतन्याहू चाहते हैं कि स्मित इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लें और पारंपरिक मशाल प्रज्वलन समारोह में शामिल हों। खबरों के मुताबिक, इस समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया है।
इजरायल में स्मित के लिए 'धन्यवाद नायक' का संदेश
कैप्टन स्मित की वीरता का सम्मान पूरे इजरायल में देखने को मिल रहा है। वहां के कई प्रमुख शहरों में उनके सम्मान में पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें हिंदी में 'धन्यवाद नायक' जैसे संदेश लिखे गए हैं। इजरायल में भारतीय समुदाय भी उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित कर रहा है और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने स्मित को एक सच्चा 'रियल हीरो' करार दिया है। उन्होंने कहा कि स्मित ने न केवल यात्रियों की जान बचाई, बल्कि विमानन सुरक्षा की खामियों को भी उजागर किया है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात में इजरायल के राजदूत योसी अब्राहम शेली ने अस्पताल में जाकर स्मित से मुलाकात की।
मुश्किल घड़ी में हनुमान चालीसा का सहारा
कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत में बताया कि उन्होंने किस तरह उस जानलेवा स्थिति का सामना किया। स्मित ने यह भी साझा किया कि संघर्ष के उन मुश्किल पलों में उन्होंने भगवान हनुमान को याद किया और मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ किया। उनकी इस आस्था और वीरता की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है।
https://www.indiatv.in/world/asia/flydubai-incident-omani-co-pilot-hamam-al-hammami-planning-for-years-to-crash-flight-bound-for-israel-2026-10-05-1247142