राम मंदिर और RSS पर दिग्विजय सिंह के बयान से मध्य प्रदेश की सियासत में उबाल, BJP सांसद ने कहा- 'वृद्ध होकर नौटंकी कर रहे हैं'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा राम मंदिर के चंदे और सनातन धर्म को लेकर दिए विवादित बयान पर मध्य प्रदेश में सियासी घमासान छिड़ गया है, जिसके बाद BJP सांसद आलोक शर्मा ने उन पर तीखा पलटवार किया है।

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानों के तीखे तीर चलने लगे हैं। इस बार विवाद की सबसे बड़ी वजह बना है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का राम मंदिर और RSS को लेकर दिया गया एक विवादित बयान। दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद राज्य का सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ गया है। उनके इस दावे पर कड़ा पलटवार करते हुए भोपाल से BJP सांसद आलोक शर्मा ने बेहद तीखा हमला बोला है। आलोक शर्मा ने कांग्रेस नेता को 'वृद्ध' और 'नौटंकीबाज' करार देते हुए उन्हें सक्रिय राजनीति के बजाय अपने स्वास्थ्य और सेहत पर ध्यान देने की नसीहत दी है।

आलोक शर्मा का तीखा पलटवार: 'वृद्ध हो चुके हैं दिग्विजय'

दिग्विजय सिंह के आरोपों का जवाब देते हुए BJP सांसद आलोक शर्मा ने उन पर जमकर निशाना साधा। आलोक शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह अब काफी बुजुर्ग हो चुके हैं और उन्हें इस उम्र में अपने स्वास्थ्य का सबसे ज्यादा ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता केवल चर्चा में बने रहने के लिए इस तरह का राजनीतिक नाटक और नौटंकी कर रहे हैं। सांसद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि BJP अब दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री काल की असलियत राज्य की जनता के सामने नए सिरे से उजागर करेगी।

आलोक शर्मा ने दिग्विजय सिंह के कार्यकाल पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि साल 2003 से पहले के मध्य प्रदेश को कोई भूल नहीं सकता। उन्होंने उस समय के राज्य को एक अत्यंत 'बदहाल प्रदेश' बताया, जहाँ आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती थी। BJP सांसद ने साफ किया कि उनकी पार्टी अब उस दौर की असल तस्वीर को आज की युवा पीढ़ी के सामने प्रमुखता से रखेगी। उनका उद्देश्य यह है कि राज्य का युवा वर्ग यह भली-भांति जान सके कि पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में बिजली कटौती, टूटी सड़कें और पानी की भारी किल्लत कितनी बड़ी समस्या थी और आज उनके राज्य ने विकास की कितनी बड़ी छलांग लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह ने अपनी नीतियों से कांग्रेस का पूरी तरह से बंटाधार कर दिया है और अब वे केवल राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं।

दिग्विजय सिंह के विवादित आरोप: राम मंदिर के चंदे पर सवाल

इस पूरे राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि दिग्विजय सिंह के उस बयान से तैयार हुई जो उन्होंने एक दिन पहले मीडिया के सामने दिया था। दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के नाम पर मिले भारी दान को लेकर सीधे तौर पर BJP और RSS को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर के नाम पर जो चढ़ावा और देशव्यापी चंदा मिला था, उसी धन से इन संगठनों ने अपने बड़े-बड़े कार्यालय और आलीशान दफ्तर तैयार कर लिए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने हिंदुत्व की विचारधारा पर भी प्रहार किया और दावा किया कि RSS और वीर सावरकर ने सनातन धर्म के वास्तविक स्वरूप को बिगाड़ने का काम किया है। उन्होंने अपनी बात को सही ठहराने के लिए प्राचीन धार्मिक ग्रंथों का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे पवित्र वेदों और उपनिषदों में कहीं भी 'हिंदू' शब्द का उल्लेख नहीं मिलता है।

'सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा' का ऐलान

अपने विचारों को जनता के बीच ले जाने के लिए दिग्विजय सिंह ने एक बड़ी पदयात्रा निकालने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही 'सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा' की शुरुआत करने जा रहे हैं।

इस यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य इस प्रकार हैं:

  • यह पदयात्रा आगामी 20 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है।
  • इस यात्रा की शुरुआत मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन से होगी और इसका समापन उत्तर प्रदेश के अयोध्या में होगा।
  • दिग्विजय सिंह की यह ऐतिहासिक पदयात्रा लगभग 1000 किलोमीटर लंबी होगी।

इस पदयात्रा के पीछे के मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा उन लोगों के खिलाफ एक बड़ा अभियान है जो धर्म के नाम पर पैसा कमा रहे हैं और आस्था को अपने राजनीतिक फायदे के लिए एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। बहरहाल, दिग्विजय सिंह के इस कदम और बयानों ने मध्य प्रदेश के आगामी राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है और BJP इस पर लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए है।

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