बागी नेताओं को अल्टीमेटम
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी ने पार्टी से बगावत करने वाले सांसदों और विधायकों को स्पष्ट चेतावनी दी। उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा में आयोजित एक जनसभा के दौरान मोबाइल फोन के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने बागियों के लिए वापसी के दरवाजे केवल 15 दिन के लिए खोले हैं। यह पूरा घटनाक्रम रविवार को इस्लामपुर में हुई पार्टी की एक अहम बैठक के दौरान सामने आया, जहां कल्याण बनर्जी ने फोन के जरिए ममता बनर्जी की आवाज को माइक से सीधे कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया।
गद्दार और विश्वासघाती करार दिया
ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में इन नेताओं को बेईमान, विश्वासघाती और गद्दार की संज्ञा दी। ममता ने दावा किया कि इन नेताओं को धन के दम पर खरीदा गया है। उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से साफ तौर पर कहा कि जिस तरह की गद्दारी इन नेताओं ने की है, उन्हें कतई माफ नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, ममता बनर्जी नंदीग्राम और रेजिनगर के उपचुनाव प्रचार के दौरान शारीरिक रूप से मौजूद नहीं थीं, लेकिन फोन कॉल के जरिए उन्होंने बागियों के प्रति अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।
पैसों के बदले बिकने का आरोप
इस्लामपुर की बैठक में ममता बनर्जी ने कहा कि जिन्हें जनता ने बहुत मेहनत करके चुनाव जिताया, वे आज पैसों के लिए बिक गए हैं। उन्होंने आगे कहा, अगर कोई बागी अभी भी वापस आना चाहता है, तो उसे 15 दिनों की समय सीमा के भीतर अपनी वापसी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि वे इस अवधि में नहीं लौटते हैं, तो उनकी पार्टी को उनकी बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है और वे खुद अपनी रणनीति के अनुसार काम करने में सक्षम हैं। ममता ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि साल 1998 में पार्टी के पास सिर्फ 2 सांसद थे, जो पूर्व सांसद थे। इसके बावजूद पार्टी ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया। वर्तमान में भी उनके साथ 15 सांसद मजबूती से खड़े हैं।
INDIA गठबंधन और ममता की भूमिका
ममता बनर्जी ने दावा किया कि INDIA गठबंधन की मजबूती के लिए तृणमूल कांग्रेस का साथ अनिवार्य है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करना है, तो उन्हें तृणमूल कांग्रेस को और अधिक मजबूत बनाना होगा। इस बैठक के दौरान कल्याण बनर्जी के साथ इताहार के विधायक मोशर्रफ हुसैन भी मंच पर उपस्थित थे। वहीं दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर पलटवार करते हुए साल 2021 के चुनाव के दौरान उनके पैर में चोट लगने के दावे को एक नाटक करार दिया है और इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।
https://www.indiatv.in/west-bengal/mamata-banerjee-set-15-day-deadline-for-tmc-rebel-mps-mlas-return-2026-10-05-1247002