अशोकनगर अस्पताल में घटी दिल दहला देने वाली घटना
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट यानी SNCU के भीतर एक नवजात बच्ची की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। अधिकारियों ने रविवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को इस मामले में बच्ची के ही परिवार के सदस्यों पर गहरा संदेह है, जिसमें मुख्य रूप से उसकी मां और दादी के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना की पूरी जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंदेरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सकरा गांव के एक संयुक्त परिवार में इस बच्ची का जन्म हुआ था। बच्ची का जन्म शुक्रवार रात करीब 11:50 बजे हुआ, जिसके तुरंत बाद स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उसे अस्पताल के SNCU में भर्ती कराया गया था। कोतवाली पुलिस स्टेशन के प्रभारी रविप्रताप सिंह चौहान ने बताया कि शनिवार दोपहर 3 से 4 बजे के बीच बच्ची मृत पाई गई। गौरतलब है कि हाल ही में सीहोर जिला अस्पताल से भी नवजात का शव कई दिनों तक पड़े रहने का मामला सामने आया था, जिसके बाद पुलिस वहां सक्रिय हुई थी।
जांच का दायरा परिवार पर केंद्रित
जांच अधिकारियों ने बताया कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त वार्ड के अंदर बच्ची की मां और दादी मौजूद थीं। रविप्रताप सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और पुलिस का पक्का शक है कि बच्ची का गला घोंटने के पीछे मां या दादी का ही हाथ हो सकता है। फिलहाल शक की सुई मुख्य रूप से मां की ओर घूम रही है। वह बच्ची अपने माता-पिता की दूसरी संतान थी। परिवार की स्थिति की बात करें तो पिता के बड़े भाई की पहली पत्नी से एक बेटी है, लेकिन दूसरी पत्नी से अभी कोई संतान नहीं है। मरने वाली बच्ची पूरे परिवार में तीसरी बेटी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों की कमी
सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक को बच्ची की गर्दन के आसपास स्पष्ट निशान मिले हैं, जो गला घोंटने की पुष्टि करते हैं। हालांकि अभी अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मामले की जांच में सबसे बड़ी बाधा यह है कि SNCU के अंदर कोई भी CCTV कैमरा नहीं लगा था, इसलिए घटना का कोई भी वीडियो फुटेज मौजूद नहीं है। पुलिस अब हत्या के पीछे की वजहों का पता लगाने में जुटी है। जांच अधिकारी का कहना है कि पूरी संभावना है कि परिवार ने तीसरी बेटी होने के कारण उससे छुटकारा पाने के उद्देश्य से इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया होगा। फिलहाल पुलिस सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर साक्ष्य जुटाने में लगी है।
देशभर में शिशु हत्या के आंकड़े
शिशु हत्या के मामलों पर गौर करें तो एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में पूरे देश में शिशु हत्या के कुल 67 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 12 मामले अकेले मध्य प्रदेश से थे। इस सूची में मध्य प्रदेश हरियाणा के बाद दूसरे स्थान पर रहा। वहीं राज्य में भ्रूण हत्या के 20 मामले सामने आए, जबकि पूरे देश में ऐसे 88 मामले दर्ज किए गए थे। इस श्रेणी में मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के बाद दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा, नवजात शिशुओं को लावारिस छोड़ने के मामलों में मध्य प्रदेश सबसे आगे रहा है, जहां 140 मामले दर्ज किए गए, जबकि देशभर में कुल 653 ऐसे मामले रिपोर्ट किए गए थे।
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