फ्लाईदुबई पायलट का आतंकी कृत्य: महिलाओं को लेकर कट्टर सोच और सोशल मीडिया पोस्ट से खुला बड़ा राज

फ्लाईदुबई के विमान में भारतीय कैप्टन पर हमला करने वाले ओमानी पायलट हमाम अल-हमामी के सोशल मीडिया अकाउंट्स से उसकी कट्टरपंथी मानसिकता का पता चला है। जांच में सामने आया है कि वह महिलाओं के नौकरी करने के सख्त खिलाफ था और अल-कायदा से जुड़े आतंकियों का महिमामंडन कर रहा था।

गंभीर मामले की जांच और खुलासे

फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी द्वारा अंजाम दी गई कथित आतंकी हमले की घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। 30 सितंबर को हुई इस घटना में हमाम अल-हमामी पर अपने ही साथी पायलट और भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर घातक धारदार हथियार से हमला करने का आरोप है। इतना ही नहीं, उस पर आरोप है कि उसने 174 यात्रियों से भरे विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की खतरनाक कोशिश की। घटना के बाद से ही वह पुलिस की कड़ी हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां इस मामले की तह तक जाने के लिए उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और पुरानी गतिविधियों की सघन पड़ताल कर रही हैं।

महिला विरोधी और कट्टरपंथी विचारों का खुलासा

सीएनएन की एक रिपोर्ट में किए गए खुलासों के मुताबिक, हमाम अल-हमामी का सोशल मीडिया अकाउंट उसकी दकियानूसी और कट्टरपंथी विचारधारा का जीवंत प्रमाण था। हालांकि, अब उसका एक्स अकाउंट डिलीट कर दिया गया है, लेकिन उससे पहले जो पोस्ट सामने आई थीं, वे महिलाओं को लेकर उसकी बेहद ओछी और नफरत भरी सोच को दर्शाती हैं। वह कार्यस्थल पर महिलाओं की उपस्थिति और पुरुषों के साथ उनके काम करने के विचार के सख्त खिलाफ था। उसकी पोस्ट इस बात का संकेत देती हैं कि वह समाज में महिलाओं की स्वतंत्रता को स्वीकार करने के लिए कतई तैयार नहीं था।

शादी और बुर्के पर अजीबोगरीब शर्तें

फरवरी 2022 में की गई एक पोस्ट में उसने अपनी शादी को लेकर बेहद रूढ़िवादी शर्तें रखी थीं। उसने बताया था कि उसकी मां उसके लिए रिश्ता देख रही हैं, लेकिन वह चाहता है कि उसकी पत्नी शादी के बाद नौकरी पूरी तरह छोड़ दे और हमेशा बुर्का या हिजाब धारण करे। उसने यह भी दावा किया कि कई परिवारों ने उसकी इन दमनकारी शर्तों को स्वीकार नहीं किया, जिसके चलते रिश्ता तय नहीं हो सका। उसने घमंड में लिखा था कि जब उन परिवारों को यह पता चला कि वह एक पायलट है, तो वे उसकी शर्तों पर झुकने के लिए तैयार हो गए, जो उसकी खोखली मानसिकता को दिखाता है।

मिश्रित कार्यस्थलों के खिलाफ नफरत

जनवरी 2022 की एक अन्य पोस्ट में उसने सार्वजनिक रूप से उन दफ्तरों और कार्यस्थलों की आलोचना की थी जहां पुरुष और महिलाएं साथ काम करते हैं। उसने सवाल उठाते हुए कहा था कि ऐसी जगहों पर जाकर कितनी ही धार्मिक और संस्कारी लड़कियां बर्बाद हो गईं और गलत रास्ते पर चली गईं। उसका यह रुख स्पष्ट करता है कि वह आधुनिक पेशेवर दुनिया और महिलाओं की भागीदारी को एक बड़े खतरे के तौर पर देखता था।

करियर का काला सच और चरमपंथ

हमाम अल-हमामी की लिंक्डइन प्रोफाइल के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि उसने ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ओमान एयर में करीब 7 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी थीं। उसने फरवरी 2025 में वहां से इस्तीफा दिया था और उसके बाद जून 2025 से जनवरी 2026 तक रॉयल एयर मैरोक के साथ जुड़ा रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे ओमान एयर से हटाए जाने के पीछे मुख्य कारण उसके चरमपंथी विचार थे, जिसे लेकर कंपनी को गंभीर चिंताएं थीं।

हमले के बाद लिंक्डइन पर पोस्ट का खेल

जांच में सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कथित विमान हमले के चंद घंटों बाद भी उसके लिंक्डइन अकाउंट पर दो संदिग्ध पोस्ट की गई थीं। हालांकि इस प्रोफाइल को बाद में हटा दिया गया, लेकिन तब तक एजेंसियों ने उसके डिजिटल सबूत सुरक्षित कर लिए थे। इन पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स विमान के कॉकपिट के कई वीडियो थे, जो उसी विमान के मॉडल जैसे थे जिसमें यह घटना घटित हुई।

खतरनाक आतंकियों का महिमामंडन

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, उन वीडियो क्लिप्स में इजरायल की एयरलाइंस एल अल और अर्किया के विमान भी नजर आए, जिससे सुरक्षा एजेंसियों का शक और गहरा गया है। इन वीडियो के अंत में अल-कायदा के पूर्व प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी की तस्वीर भी देखी गई। इतना ही नहीं, पोस्ट में हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें भी शामिल थीं, जिसने 2009 में एक हमले में 9 लोगों की जान ली थी, जिनमें सीआईए के 7 अधिकारी और कॉन्ट्रैक्टर शामिल थे। इन खुलासों ने यह साबित कर दिया है कि हमलावर एक सुनियोजित और कट्टरपंथी एजेंडे के तहत काम कर रहा था।

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