IAS वर्षा सिंह की चर्चा: रात भर खटिया पर बैठकर वैशाली में बांध की मरम्मत कराई

वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह इन दिनों अपने समर्पण को लेकर चर्चा में हैं, जिन्होंने बाढ़ के दौरान रात भर जागकर खुद मौके पर मौजूद रहकर बांध की मरम्मत का कार्य पूरा करवाया।

बाढ़ के बीच दिखी कर्तव्यनिष्ठा

बिहार के वैशाली जिले की जिलाधिकारी वर्षा सिंह इन दिनों अपने सेवा भाव और अद्भुत कर्तव्यनिष्ठा के लिए चर्चा का विषय बनी हुई हैं। गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से लालगंज क्षेत्र की यूसुफपुर पंचायत के पीरापुर वार्ड नंबर 5 में रिंग बांध पर गहरा संकट आ गया था। यहां बांध में रिसाव और कटाव होने से आसपास के गांवों के लिए खतरा पैदा हो गया था। इस आपदा की सूचना मिलते ही 2016 बैच की आईएएस अधिकारी वर्षा सिंह बिना देरी किए सीधे मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने वहां रात भर एक खटिया पर बैठकर बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और मजदूरों व इंजीनियरों का हौसला बढ़ाया। सुबह के 4 बजे तक वे मौके पर डटी रहीं और अपनी आंखों के सामने बांध की मरम्मत का काम पूरा करवाया।

कौन हैं आईएएस वर्षा सिंह?

बिहार कैडर की अधिकारी वर्षा सिंह मूल रूप से राज्य के खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड के बोरना गांव की निवासी हैं। उनका जन्म 20 नवंबर 1986 को हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई महाराष्ट्र के नागपुर में पूरी की। प्रशासनिक सेवाओं में आने के बाद से ही उन्होंने अपनी सादगी और जमीनी स्तर पर रहकर काम करने की पहचान बनाई है। एक बार उन्हें खेतों में किसानों के साथ कीचड़ में उतरकर धान की रोपनी करते हुए भी देखा गया था, जिससे पता चलता है कि वे आम जनता के बीच कितनी सहज हैं।

प्रशासनिक सफर और उपलब्धियां

वर्षा सिंह ने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत बतौर सहायक सचिव और संयुक्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम करते हुए की। अपनी ट्रेनिंग के दौरान उनकी पहली नियुक्ति गोपालगंज में SDM के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्हें अरवल जिले में जिलाधिकारी के रूप में तैनात किया गया। वैशाली (हाजीपुर) की जिम्मेदारी संभालने से पहले, वे नगर विकास एवं आवास विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत थीं। इसी दौरान उन्होंने PMRCL यानी पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर की भूमिका भी बखूबी निभाई थी। उन्होंने 2 जून 2025 को वैशाली की जिलाधिकारी के रूप में अपना पदभार संभाला था।

अपनी जन्मभूमि के प्रति लगाव

वर्षा सिंह के करियर से जुड़ा एक रोचक तथ्य उनके कैडर से संबंधित है। उनके पिता की यह दिली ख्वाहिश थी कि वर्षा को महाराष्ट्र कैडर मिले, क्योंकि उन्होंने वहीं पढ़ाई की थी। हालांकि, वर्षा सिंह ने हमेशा से बिहार को अपनी पहली प्राथमिकता रखा और उन्हें बिहार कैडर प्राप्त हुआ। अपनी मातृभूमि में सेवा करने का मौका पाकर वह बेहद प्रसन्न थीं, क्योंकि बचपन में उन्होंने अपने गांव के लोगों की गरीबी और मुश्किलों को बेहद करीब से महसूस किया था। वे हमेशा से अपनी मिट्टी का कर्ज उतारने की भावना के साथ काम करती आई हैं। बांध पर रात भर जागकर काम करना इसी समर्पण का एक हिस्सा है, जिसकी सराहना स्थानीय निवासियों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी खूब हो रही है।

https://hindi.news18.com/news/career/jobs-who-is-vaishali-dm-ias-varsha-singh-monitering-flood-relief-work-overnight-10883307.html