यूपी चुनाव: सीट बंटवारे पर सपा सांसद का कांग्रेस को कड़ा संदेश, कहा- 10-15 सीट ही काफी, अखिलेश के बिना वजूद नहीं

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन में दरारें साफ दिखने लगी हैं। सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने कांग्रेस को उनकी औकात याद दिलाते हुए कहा कि उन्हें 10-15 सीटों से ज्यादा की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

यूपी में गठबंधन की अंदरूनी कलह आई सामने

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। इसी बीच विपक्षी इंडिया (INDIA) गठबंधन के दो बड़े घटक दलों, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच तनातनी खुलकर सामने आ गई है। सीट बंटवारे को लेकर मचे घमासान के बीच अब समाजवादी पार्टी के सांसद ने कांग्रेस नेतृत्व को सीधी चेतावनी दी है। यह विवाद तब और गहरा गया जब सपा सांसद ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस की चुनावी क्षमता पर सवाल उठाते हुए उन्हें जमीनी हकीकत का आईना दिखाया है।

सीट शेयरिंग पर सपा सांसद ने दिखाई कांग्रेस की हैसियत

शनिवार को समाजवादी पार्टी के सांसद एसपी सिंह पटेल ने एक तीखे बयान में कहा कि कांग्रेस को अपनी वर्तमान राजनीतिक स्थिति और जनाधार को देखते हुए ही सीटों की मांग रखनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर ज्यादा सीटों की मांग किए जाने को सिरे से खारिज करते हुए कहा, 150 सीटों का दावा करना पूरी तरह गलत है। कांग्रेस को गठबंधन के तहत केवल 10 से 15 सीटें ही मिलनी चाहिए। सांसद ने स्पष्ट लहजे में यह भी जोड़ा कि अगर समाजवादी पार्टी के साथ उनका गठबंधन नहीं होता, तो उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में कांग्रेस का खाता खुलना भी मुश्किल हो जाता और उन्हें एक भी सीट नसीब नहीं होती।

राहुल गांधी को लेकर किया बड़ा दावा

सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने केवल सीट शेयरिंग पर ही बात नहीं की, बल्कि उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी को लेकर भी एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। सांसद ने दावा किया कि राहुल गांधी अपनी पुरानी सीट अमेठी छोड़ने के बाद चुनावी मैदान में उतरने से बहुत डर गए थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ने का भी साहस नहीं जुटा पा रहे थे। सपा सांसद के अनुसार, यह समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का दबाव और उनकी स्पष्ट चेतावनी थी, जिसके बाद ही राहुल गांधी ने चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया।

अखिलेश यादव ने दिया था अल्टीमेटम

अपने दावे को और पुख्ता करते हुए एसपी सिंह पटेल ने बताया कि अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को एक सख्त अल्टीमेटम दे दिया था। सपा प्रमुख ने साफ कह दिया था कि यदि राहुल गांधी चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो समाजवादी पार्टी उस सीट पर अपना उम्मीदवार उतार देगी। पटेल का मानना है कि इसी दबाव के कारण राहुल गांधी चुनाव लड़ने के लिए मजबूर हुए। यह बयान सीधे तौर पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की कार्यप्रणाली और उनकी राजनीतिक असुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।

गठबंधन के भविष्य पर बड़ा संकट

सपा सांसद के इस आक्रामक तेवर ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। आगामी विधानसभा उपचुनावों और साल 2027 के महामुकाबले के लिए जब दोनों पार्टियां अपने स्तर पर तैयारियां कर रही हैं, ऐसे में इस तरह के बयानों से गठबंधन की नींव हिलती हुई दिखाई दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान केवल सीट बंटवारे का विवाद नहीं है, बल्कि वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सपा नेता की इस तीखी टिप्पणी पर कांग्रेस का प्रांतीय नेतृत्व और आलाकमान क्या प्रतिक्रिया देते हैं। क्या इससे गठबंधन की गांठ और अधिक ढीली होगी या दोनों दल आपसी मतभेदों को भुलाकर साथ चल पाएंगे, यह आने वाला समय ही बताएगा।

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