मऊ के नसीम का देसी जुगाड़: ऐसे फ्राई होती है पूरी खड़ी मछली, देश-विदेश के अनुभवों से तैयार होता है लाजवाब स्वाद

उत्तर प्रदेश के मऊ में एक खास तरीके से पूरी खड़ी मछली को फ्राई किया जा रहा है। सऊदी अरब से लौटकर आए नसीम के इस अनोखे नुस्खे का स्वाद चखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।

मछली खाने के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन खबर उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से आ रही है। अगर आप भी मछली फ्राई के दीवाने हैं और अब तक सिर्फ छोटे-छोटे टुकड़ों में कटी हुई मछली ही खाते आए हैं, तो आपको मऊ के इस खास स्वाद के बारे में जरूर जानना चाहिए। यहां छोटे टुकड़ों के बजाय पूरी की पूरी खड़ी मछली को इस तरह देसी जुगाड़ से फ्राई किया जाता है कि उसका स्वाद बेहद स्पाइसी, कुरकुरा और लाजवाब हो जाता है। इस अनोखे स्वाद को तैयार करने वाले नसीम मछली फ्राई स्पेशलिस्ट के पास एक ऐसी खास तकनीक है, जिसके जरिए आप चाहें तो अपने घर पर भी बेहतरीन खड़ी मछली फ्राई कर सकते हैं।

सऊदी अरब से मऊ तक का सफर और स्वाद का जादू

मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना के अंतर्गत आने वाली अंसार नगर गली में नसीम की मछली फ्राई की दुकान स्थित है। नसीम का यह काम केवल स्थानीय स्तर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक लंबा अनुभव छिपा हुआ है। नसीम ने बातचीत के दौरान बताया कि वह पहले भारत से बाहर सऊदी अरब में रहकर मछली फ्राई करने का काम करते थे। जब उन्होंने विदेश की नौकरी छोड़ी और अपने वतन वापस लौटे, तो उन्होंने मऊ में आकर अपनी खुद की दुकान शुरू की। आज उनके हाथ का स्वाद ऐसा है कि पूरे मऊ जनपद में ऐसी मछली फ्राई कहीं और नहीं मिलती। उनकी दुकान का स्वाद इतना लोकप्रिय हो चुका है कि केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि वाराणसी और आसपास के अन्य जिलों से भी लोग खास तौर पर इस मछली फ्राई का आनंद लेने यहां पहुंचते हैं।

ताजी मछलियों का चयन और खास किस्में

नसीम की दुकान पर ग्राहकों को गुणवत्ता और ताजगी का खास भरोसा मिलता है। नसीम बताते हैं कि उनके यहां मुख्य रूप से केवल दो प्रकार की मछलियां ही फ्राई की जाती हैं:

  • पापलेट मछली: इसे ग्राहकों के लिए पूरी तरह से खड़ी और बिना टुकड़ों में काटे फ्राई किया जाता है।
  • प्यासी मछली: इसे ग्राहकों की पसंद के अनुसार छोटे-छोटे टुकड़ों के आकार में काटकर फ्राई किया जाता है।

मछलियों की ताजगी बनाए रखने के लिए नसीम इन्हें सीधे तालाब से मंगवाते हैं और अपनी दुकान में ही बने कृत्रिम तालाब या हौद में इनका पालन करते हैं। जैसे ही कोई ग्राहक दुकान पर आता है, उसके सामने ही बिल्कुल ताजी मछली निकालकर उसकी तैयारी शुरू की जाती है।

खड़ी मछली फ्राई करने की अनूठी विधि और सीक्रेट मसाला

नसीम ने अपनी उस विशेष विधि का भी खुलासा किया जिसके जरिए वह पापलेट जैसी खड़ी मछली को अंदर तक कुरकुरा और मसालेदार बनाते हैं। यदि आप भी घर पर इस स्वाद को आजमाना चाहते हैं, तो नसीम के बताए इन चरणों का पालन कर सकते हैं:

  • सफाई और कटाई: सबसे पहले पूरी खड़ी मछली को अच्छी तरह से साफ किया जाता है। इसके बाद उसे बीच से चीरा लगाकर फाड़ा जाता है ताकि उसके अंदर की सारी गंदगी और कचरा बाहर निकाला जा सके। सफाई के बाद मछली को साफ पानी से कई बार अच्छी तरह धोया जाता है।
  • मसालों का लेप: धुलाई पूरी होने के बाद मछली पर विशेष रूप से तैयार किया गया मसाला लगाया जाता है। इसमें लहसुन, प्याज, हरी मिर्च और नसीम के अपने हाथ से तैयार किए गए गुप्त मसालों का एक गाढ़ा लेप लगाया जाता है। इस लेप को मछली के अंदरूनी और बाहरी हिस्सों पर अच्छी तरह मला जाता है।
  • फ्रीजर में रखना: मसालों का लेप लगाने के बाद मछली को लगभग 2 से 3 घंटे के लिए फ्रीजर में रख दिया जाता है। इससे मसाले मछली के रेशे-रेशे में पूरी तरह समा जाते हैं और मछली का स्वाद अंदर तक गहरा हो जाता है।
  • आटे की कोटिंग: फ्रीजर से निकालने के बाद जब ग्राहक अपना ऑर्डर देते हैं, तब मछली को तौलने के बाद उस पर हल्का सूखा आटा लपेटा जाता है। आटा लपेटने का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि जब मछली को गर्म तेल में डाला जाए, तो उसका मसाला तेल में बहकर फटने न पाए और मछली पर चिपका रहे।
  • डीप फ्राई करना: इसके बाद मछली को बेहद गर्म तेल की कढ़ाई में डाला जाता है और धीमी आंच पर लगभग 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह फ्राई किया जाता है। इससे पूरी मछली बाहर से बेहद कुरकुरी और अंदर से पूरी तरह पककर स्पाइसी हो जाती है।

कीमत और दुकान का समय

नसीम की दुकान पर मछली के शौकीनों की भीड़ हमेशा लगी रहती है। कीमत की बात करें तो उनके यहां ग्राहकों के लिए बेहद वाजिब दाम तय किए गए हैं। दुकान पर पापलेट मछली पूरी तरह फ्राई होकर 350 रुपए प्रति किलो की दर से मिलती है। वहीं दूसरी तरफ, छोटे टुकड़ों में फ्राई की जाने वाली प्यासी मछली की कीमत 300 रुपए प्रति किलो है।

चूंकि इस विशेष विधि से मछली तैयार करने में समय अधिक लगता है, इसलिए कई नियमित ग्राहक दुकान पर आने से पहले ही अपना ऑर्डर दे देते हैं ताकि उन्हें वहां पहुंचकर लंबा इंतजार न करना पड़े। नसीम की यह दुकान दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहती है। यदि आप भी इस अनोखे और लजीज स्वाद का अनुभव करना चाहते हैं, तो मऊ की अंसार नगर गली में जाकर इस देसी स्वाद का लुत्फ उठा सकते हैं या फिर नसीम की इस आसान विधि को अपने घर की रसोई में आजमा सकते हैं।

https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-love-fried-fish-try-making-this-way-at-home-better-taste-know-full-recipe-local18-10882262.html