सैन्य कार्रवाई से पहले AI की ली मदद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए सैन्य अभियान शुरू करने से पहले एलन मस्क के AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) से मशविरा लिया था। टाइम मैगजीन की एक अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि ट्रंप ने सैन्य ऑपरेशन के आदेश देने से पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद ली।
दिसंबर 2025 की वो गुप्त मुलाकात
रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 में एलन मस्क जब व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से एक निजी मुलाकात करने पहुंचे, तब यह चर्चा हुई थी। उस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना काफी समय मस्क के इस खास AI चैटबॉट के साथ बिताया। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि ट्रंप ने घंटों तक ग्रोक से निकोलस मादुरो के राष्ट्रपति कार्यकाल, उनकी राजनीतिक विरासत और सत्ता के प्रति उनकी पकड़ को लेकर कई सवाल पूछे। उस दौरान ट्रंप मुख्य रूप से यह समझना चाहते थे कि यदि अमेरिका वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करता है, तो वहां के आम नागरिकों की संभावित प्रतिक्रिया क्या होगी।
तनावपूर्ण माहौल और सैन्य विकल्प
उस समय अमेरिका और वेनेजुएला के बीच राजनयिक और सुरक्षा स्तर पर तनाव काफी बढ़ चुका था। ट्रंप प्रशासन द्वारा वेनेजुएला की उन नावों पर हमले किए जा रहे थे, जिनके बारे में अमेरिका का स्पष्ट आरोप था कि वे नशीली दवाओं की तस्करी के लिए उपयोग की जा रही हैं। ऐसे तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिकी प्रशासन सैन्य कार्रवाई के विभिन्न विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा था।
ग्रोक ने दिया था ये जवाब
बातचीत के दौरान ग्रोक ने निकोलस मादुरो को एक बेहद अलोकप्रिय तानाशाह के रूप में चिन्हित किया। चैटबॉट ने ट्रंप को जानकारी दी कि मादुरो की गिरफ्तारी पर वेनेजुएला के भीतर कई लोग खुशी मना सकते हैं और जश्न का माहौल हो सकता है। हालांकि, टाइम की रिपोर्ट में ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है कि चैटबॉट ने ट्रंप को सीधे तौर पर मादुरो को गिरफ्तार करने या सैन्य हमला करने की सलाह दी थी। बातचीत खत्म होने के बाद ट्रंप इस चैटबॉट की कार्यक्षमता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इसे जीनियस तक कह दिया।
3 जनवरी को हुई ऐतिहासिक कार्रवाई
ग्रोक के साथ हुई ट्रंप की इस गहन बातचीत के कुछ ही हफ्तों बाद, 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में एक गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को काराकास से हिरासत में ले लिया गया और उन्हें तुरंत अमेरिका ले जाया गया। इस बड़ी घटना के बाद वेनेजुएला की जनता के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां एक तरफ कई लोगों ने अमेरिकी कार्रवाई का जश्न मनाया और सड़कों पर आकर अपनी खुशी व्यक्त की, वहीं दूसरी तरफ कुछ हिस्सों में इसकी कड़ी आलोचना भी हुई।
दुनिया भर में दिखा असर
इतना ही नहीं, दुनिया के अलग-अलग देशों में बसे वेनेजुएला के नागरिकों ने भी मादुरो के सत्ता से बाहर होने का जश्न मनाया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटनाक्रम के बाद मिली उन तस्वीरों और वैश्विक प्रतिक्रियाओं ने ट्रंप का भरोसा एलन मस्क के AI चैटबॉट ग्रोक पर और भी ज्यादा मजबूत कर दिया। इसके अलावा, पहले भी ऐसी खबरें सामने आती रही हैं कि अमेरिका वेनेजुएला से जुड़े सैन्य अभियानों में ग्रोक और क्लॉड (Claude) जैसे आधुनिक AI टूल का उपयोग करता रहा है।
https://hindi.news18.com/world/america-donald-trump-use-grok-ai-before-nicolas-maduro-captured-venezuela-operation-10881889.html