सफलता की अनोखी पटकथा
व्यापार जगत में अक्सर यह कहा जाता है कि एक सफल बिजनेस की बुनियाद उसके क्रांतिकारी आइडिया पर टिकी होती है। अगर सोच में दम हो और उसे क्रियान्वित करने का जज्बा हो, तो सफलता कदम जरूर चूमती है। इस बात को आईआईटी खड़गपुर के तीन होनहार युवाओं ने सच कर दिखाया है। इन युवाओं ने साथ में अपनी शिक्षा पूरी की और फिर एक ही कंपनी में करियर की शुरुआत की। हालांकि, नौकरी के दौरान उन्हें एक ऐसा विचार सूझा कि तीनों ने एक साथ अपना पद छोड़ दिया और खुद की कंपनी की नींव रखी। आज उनकी कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन सैकड़ों करोड़ रुपये को पार कर चुका है।
कौन हैं ये युवा और क्या है स्टार्टअप
यह प्रेरणादायक सफर सिद्धार्थ माल, अक्षय लाल और हिमांशु मालसाने का है। उनके इस साहसिक सफर में बाद में आईआईटी गुवाहाटी के युवा अजिंक्या भी जुड़ गए। इन चारों की जोड़ी ने मिलकर एक ऐसे स्टार्टअप को जन्म दिया, जो किसी भी जटिल समस्या या कार्य के लिए भीड़ से राय और डेटा एकत्र करने का काम करता है। इस स्टार्टअप का नाम प्लेमेंट (Playment) रखा गया, जिसकी शुरुआत साल 2015 में की गई थी।
फ्लिपकार्ट की नौकरी और बिजनेस का आइडिया
शुरुआती दौर में ये तीनों मित्र फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी में सीनियर बिजनेस एनालिस्ट के रूप में कार्यरत थे। अपनी नौकरी की जिम्मेदारियों को निभाते हुए उन्हें यह स्पष्ट हो गया था कि वे दूसरों के लिए काम करने के बजाय अपने खुद के नवाचार पर काम करना चाहते हैं। अक्षय फ्लिपकार्ट की कैटलॉग प्रोडक्ट टीम का हिस्सा थे, जबकि अजिंक्या और सिद्धार्थ क्राउडसोर्स हाइपरलोकल डिलीवरी विभाग में सेवाएं दे रहे थे। कार्य के दौरान उन्होंने महसूस किया कि कैटलॉग और क्राउडसोर्सिंग की प्रक्रियाओं के बीच कोई बेहतर तालमेल नहीं है। यहीं से उन्हें एक नया व्यावसायिक दृष्टिकोण मिला कि यदि इन दोनों क्षेत्रों को मिला दिया जाए, तो बिजनेस को कई गुना बेहतर बनाया जा सकता है। बस फिर क्या था, तीनों ने अपने सुरक्षित करियर को अलविदा कहा और प्लेमेंट के सफर की शुरुआत की।
क्या काम करती है प्लेमेंट
प्लेमेंट एक विशेष AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित क्राउडसोर्सिंग स्टार्टअप है। क्राउडसोर्सिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी विशिष्ट कार्य, किसी जटिल विचार या फिर किसी समस्या के समाधान के लिए एक बड़ी कम्युनिटी या आम लोगों की भीड़ से सुझाव मांगे जाते हैं। कंपनी अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न मुद्दों पर लोगों से फीडबैक और डेटा लेती है। इस डेटा का सटीक विश्लेषण करके क्लाइंट्स की समस्याओं का समाधान किया जाता है और उनके प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाता है। संक्षेप में कहें तो यह कंपनी डेटा के आधार पर प्रोडक्ट्स को तैयार करने और उसे बेहतर बनाने में मदद करती है।
वित्तीय सफलता और बाजार में स्थान
प्लेमेंट की प्रगति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2021 में इसे TELUS International जैसी बड़ी कंपनी ने अधिग्रहित कर लिया था। हालांकि इस बड़े सौदे की वास्तविक राशि का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया गया, लेकिन यह इस स्टार्टअप की सफलता की पुष्टि करता है। यदि शुरुआती सफर की बात करें, तो साल 2016 में जब इस कंपनी ने अपना विस्तार शुरू किया था, तब सैफ पार्टनर्स ने इसमें 7 लाख डॉलर का निवेश किया था। उस समय कंपनी का वैल्यूएशन 28.6 लाख डॉलर यानी लगभग 25 करोड़ रुपये आंका गया था। अब तक यह स्टार्टअप कुल 35 लाख डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटा चुका है। वर्तमान में विशेषज्ञों का मानना है कि इस कंपनी का कुल मार्केट वैल्यूएशन 1,000 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को भी पार कर चुका है, जो इन युवाओं के विजन की जीत को दर्शाता है।
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