बाड़मेर: कचरे के ढेर को शिक्षिका ने बनाया ऑक्सीजन पार्क, 1000 पौधों से महका छात्रावास परिसर

राजस्थान के बाड़मेर में एक शिक्षिका ने अपनी मेहनत से कचरा डंपिंग साइट को खूबसूरत ऑक्सीजन पार्क में तब्दील कर दिया है। राजकीय बालिका आदिवासी छात्रावास में अब 1000 से ज्यादा पौधे लहलहा रहे हैं।

रेगिस्तान में हरियाली की अनूठी मिसाल

राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक शिक्षिका ने अपनी संकल्प शक्ति और मेहनत से तस्वीर बदल दी है। शहर के राजकीय बालिका आदिवासी छात्रावास में कभी कचरे का ढेर हुआ करता था, जिससे दुर्गंध और गंदगी फैली रहती थी। यहां की शिक्षिका सीमा मीणा ने इस चुनौतीपूर्ण स्थिति को बदला और कचरा पॉइंट को एक सुंदर ऑक्सीजन पार्क के रूप में विकसित किया।

1000 पौधों से महका परिसर

सीमा मीणा ने स्वयं पहल करते हुए इस स्थान की सफाई करवाई और यहां 1000 से अधिक विभिन्न प्रकार के पौधे रोपे। इन पौधों में नीम, शीशम, गुलमोहर और मोगरा के अलावा कई फलदार और औषधीय पौधे भी शामिल हैं। आज यह परिसर दुर्गंध की जगह हरियाली और फूलों की खुशबू से महक रहा है।

सामूहिक प्रयास से मिली कामयाबी

इस कार्य में सीमा मीणा के पति करतार सिंह भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रहे हैं और पौधों की देखभाल में सक्रिय हैं। इसके अलावा, छात्रावास में रहने वाली करीब 50 छात्राएं भी पौधों के संरक्षण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। बाड़मेर जैसे गर्म और पानी की कमी वाले रेगिस्तानी इलाके में इतने पौधों को जिंदा रखना बड़ी चुनौती थी, लेकिन नियमित सिंचाई और उचित देखरेख के कारण आज यह पार्क सफलतापूर्वक विकसित हो गया है।

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