दिल्ली से मुंबई तक विरोध प्रदर्शन की गूंज
शुक्रवार का दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में काफी हलचल भरा रहा। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर आर्थिक राजधानी मुंबई तक प्रदर्शन का सिलसिला देखने को मिला। दिल्ली में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और वामपंथी विचारधारा से जुड़े कई संगठनों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला। वहीं, मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली के जंतर मंतर इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की थी और एहतियात के तौर पर कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार भी कुछ समय के लिए बंद कर दिए गए थे। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी इन विरोध प्रदर्शनों के बीच मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया है, जहां उनके विरुद्ध कई याचिकाएं दायर की गई हैं।
जंतर मंतर पर AAP नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
प्रदर्शन के दौरान जंतर मंतर की ओर कूच करने की कोशिश कर रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। जब कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को लांघने का प्रयास किया, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सौरभ भारद्वाज, आतिशी और संजय सिंह समेत पार्टी के कई प्रमुख नेताओं और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस का तर्क था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।
नेताओं पर पुलिस की सख्ती
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने नॉर्थ एवेन्यू की ओर से जंतर मंतर पहुंचने का प्रयास किया था, लेकिन भारी पुलिस घेरेबंदी के कारण वे अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सीमा से आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा की कई परतें बिछाई थीं और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पुलिस में हुई धक्का-मुक्की
विरोध का सिलसिला यहीं नहीं थमा, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर आगे बढ़े। रास्ते में पुलिस द्वारा रोके जाने पर कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई। जब अधिकारियों ने आगे जाने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया, तो आक्रोशित कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस को उन्हें वहां से हटाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रदर्शनकारियों के छोटे समूहों ने बढ़ाई मुश्किलें
दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में AAP, वामपंथी दलों और कांग्रेस के कार्यकर्ता अलग-अलग छोटे समूहों में बंटे नजर आए। कहीं सड़क किनारे खड़े होकर तो कहीं बीच सड़क पर बैठकर इन लोगों ने प्रदर्शन किया, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। पुलिस को इन छिटपुट समूहों को हटाने और सड़कों को खाली कराने के लिए दिन भर काफी भागदौड़ करनी पड़ी।
इस्तीफे तक जारी रहेगा संघर्ष: आम आदमी पार्टी
आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और मतदाता सूची व चुनाव प्रक्रिया में खामियों का आरोप लगाया।
मनोज झा का प्रदर्शन स्थल पर आगमन
राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद मनोज झा भी प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता दिखाने जंतर मंतर पहुंचे। जब मीडिया ने उनसे प्रदर्शन में लोगों की भागीदारी को लेकर सवाल किए, तो उन्होंने उन सवालों का सीधा जवाब देने के बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की अपनी मांग पर ही जोर दिया और उसके बाद वहां से प्रस्थान कर गए।
मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी का जोरदार प्रदर्शन
मुंबई के शिवाजी पार्क में शाम 4 बजे से कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। प्रदर्शनकारी महात्मा गांधी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहने हुए थे। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे अपनी मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे। मुंबई में भी पुलिस का कड़ा पहरा तैनात था।
फिल्मी जगत का साथ और ठाकरे गुट का समर्थन
इस आंदोलन में कला और फिल्म जगत की बड़ी हस्तियों ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इनमें नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, विशाल भारद्वाज और विशाल ददलानी जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे। मुंबई में हुए इस विरोध को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों गुटों का समर्थन मिला। इन नेताओं ने 4 अक्टूबर को एक और बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। उद्धव ठाकरे की पार्टी के कार्यकर्ता शुक्रवार के प्रदर्शन में भी शिवाजी पार्क पहुंचे थे।
ममता बनर्जी ने आंदोलन को बताया जरूरी
कोलकाता में मौजूद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य युवा संगठनों के इस संघर्ष के साथ पूरी तरह खड़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में जो अत्याचार और मनमानी चल रही है, उसे रोकने के लिए हर नागरिक को अपनी आवाज उठानी चाहिए।
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