हरियाणा में मतदाता सूची में विसंगतियों पर बड़ी कार्रवाई
हरियाणा में इन दिनों मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया जोर-शोर से चल रही है। इस प्रक्रिया के दौरान कुल 44.91 लाख से अधिक मतदाताओं को मैपिंग प्रक्रिया में गलत सूचनाएं दर्ज होने के कारण नोटिस भेजे गए हैं। निर्वाचन विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक इनमें से 40.56 लाख से ज्यादा मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 4.35 लाख मामलों का निपटारा अभी बाकी है। विभाग ने इन लंबित मामलों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
लंबित मामलों को लेकर अधिकारियों को निर्देश
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक लंबित मामले फरीदाबाद, करनाल और हिसार जिलों में सामने आए हैं। हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी ERO यानी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इन लंबित आवेदनों और शिकायतों को जल्द से जल्द सुलझाएं। साथ ही, आदेश जारी करते समय यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे भारतीय चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें।
वोटर्स के लिए सलाह और आयोग का रुख
जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, उन्हें घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। अधिकारियों ने अपील की है कि संबंधित नागरिक अपने नजदीकी ERO कार्यालय में जाकर अपना पक्ष रख सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। इन दस्तावेजों की मदद से रिकॉर्ड में मौजूद गलतियों को सुधारा जा सकेगा।
इसके अलावा, गुरुवार को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई। इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन लोगों के Form-6 खारिज हुए हैं या जो लोग अपात्र पाए गए हैं, उनके मामलों की फिर से गहन जांच की जाए। विभाग ने यह भरोसा दिलाया है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम बिना किसी ठोस कारण के सूची से नहीं हटाया जाएगा।
नए वोटरों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन
इस पुनरीक्षण अभियान के तहत नए मतदाताओं के पंजीकरण में लोगों ने काफी रुचि दिखाई है। प्रदेश भर से अब तक करीब 3.78 लाख नए Form-6 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यदि जिलों के हिसाब से देखें, तो गुरुग्राम से सबसे ज्यादा 39,985, फरीदाबाद से 33,463 और हिसार से 22,001 आवेदन मिले हैं। अन्य जिलों में पंचकूला से 8,786, नूंह से 9,087 और चरखी दादरी से 7,095 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उल्लेखनीय है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर थी, जबकि इन आपत्तियों का निपटारा 28 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। हरियाणा की अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर को आधिकारिक रूप से प्रकाशित की जाएगी।
कांग्रेस की पारदर्शिता पर जोर
हरियाणा कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की है। राज्य के कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र के अनुसार वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों की समीक्षा अनिवार्य है। उन्होंने हटाए गए नामों और लंबित नोटिसों पर स्पष्टीकरण मांगा है। 7 अक्टूबर को कांग्रेस की राज्य स्तरीय एक्शन और मॉनिटरिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है, जिसमें पार्टी प्रभारी संजय दत्त और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल होंगे। पार्टी का मानना है कि किसी भी योग्य मतदाता के अधिकारों के साथ समझौता नहीं होना चाहिए। इसी बीच, कर्नाटक में भी इसी तरह की प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराया हुआ है, जहां Form-7 को लेकर मचे घमासान के कारण मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था।
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