शिमला के रोहड़ू में सीएम का छात्रों से संवाद
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में शिमला जिले के रोहड़ू स्थित पीएम श्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्रों के साथ सीधा संवाद किया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया और उन्होंने छात्रों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान छात्रों ने उनसे शिक्षा व्यवस्था, खेल सुविधाओं और शहर की समस्याओं को लेकर कई बेबाक सवाल पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने विस्तार से जवाब दिया।
स्कूल की सुविधाओं के लिए 2 करोड़ की घोषणा
संवाद के दौरान स्कूल की छात्राओं ने विद्यालय में सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए स्कूल की नई बिल्डिंग के निर्माण और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये की धनराशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और स्कूल का बुनियादी ढांचा सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
शिक्षक और छात्रों के बीच अनुशासन का मुद्दा
एक छात्र ने मुख्यमंत्री से यह सवाल किया कि आखिर स्कूलों में शिक्षकों द्वारा छात्रों को मारने पर रोक क्यों लगाई गई है। इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे स्वयं भी उसी दौर से गुजरे हैं जहाँ शिक्षकों की डांट से अनुशासन आता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों को छात्रों पर हाथ उठाने के बजाय उन्हें प्यार से समझाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि बच्चों को सही राह दिखाने के लिए शिक्षक थोड़ी-बहुत डांट लगा सकते हैं या कान पकड़ सकते हैं, लेकिन शारीरिक दंड का समर्थन नहीं किया जा सकता।
व्यवस्था परिवर्तन और रोहड़ू की समस्या
कार्यक्रम का सबसे चर्चा में रहा हिस्सा वह था जब एक छात्र ने रोहड़ू शहर की बदहाल स्थिति पर मुख्यमंत्री को घेरा। छात्र ने हिमुडा कॉलोनी की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बरसात के मौसम में चारों ओर कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे आवाजाही मुश्किल हो जाती है। वही कीचड़ गर्मियों में धूल बनकर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां पैदा करता है। छात्र ने तीखे अंदाज में पूछा कि जब शहरों की यह हालत है तो दूरदराज के क्षेत्रों का क्या हाल होगा। छात्र ने कहा, आप अक्सर व्यवस्था परिवर्तन की बात करते हैं, लेकिन यह कैसा परिवर्तन है और रोहड़ू में यह कब देखने को मिलेगा?
इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक समस्या उनके ध्यान में नहीं आएगी, तब तक समाधान संभव नहीं है। उन्होंने छात्र से कहा कि समस्या को सामने लाने के लिए उनका धन्यवाद। उन्होंने यह भी सलाह दी कि स्थानीय समस्याओं के बारे में क्षेत्र के MLA को भी सूचित किया जाना चाहिए ताकि समय रहते उन पर कार्रवाई की जा सके।
आत्मनिर्भर हिमाचल का सपना
छात्रों के साथ हुई बातचीत में जब मुख्यमंत्री से उनके भविष्य के सपनों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना और इसे देश का सबसे अमीर राज्य बनाना है। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों के लिए SOP तैयार की जा रही है, ताकि अगले शैक्षणिक सत्र तक वहां स्मार्ट क्लासरूम और अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
सोशल मीडिया पर साझा किए अपने अनुभव
इस संवाद के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बच्चों के सवालों में मासूमियत और भविष्य को लेकर बड़ी सोच दिखाई दी। उन्होंने कहा कि AI जैसे विषयों से लेकर स्कूली संसाधनों की कमी तक, बच्चों ने हर पहलू पर बात की। मुख्यमंत्री ने माना कि एक आदर्श स्कूल वही है जहाँ बच्चे बिना किसी डर के अपने सवाल पूछ सकें। उन्होंने आश्वासन दिया कि बच्चों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी और स्कूल में आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
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