आतंकवाद के खिलाफ कैप्टन स्मित मच्छार का साहस एक बड़ी मिसाल, बोले इजरायली राजदूत

भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट में जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने आतंकवाद के सामने घुटने न टेककर एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।

आतंकवाद से लड़ाई में साहस की नई नजीर

भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार की प्रशंसा करते हुए उन्हें आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का एक बड़ा उदाहरण बताया है। हाल ही में हुई इस घटना में, जब विमान के अंदर खतरा पैदा हुआ, तो कैप्टन मच्छार ने न केवल अपने फर्ज का पालन किया बल्कि अपनी जान जोखिम में डालकर विमान और उसमें सवार यात्रियों की रक्षा की।

घटना का विवरण और कैप्टन का पराक्रम

बुधवार को फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान स्थिति तब बेहद तनावपूर्ण हो गई जब विमान के को-पायलट ने विमान को नुकसान पहुंचाने का घातक प्रयास किया। उस समय विमान लगभग 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था। को-पायलट ने विमान के नियंत्रण को बाधित करने की कोशिश की, जिससे विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। आंकड़ों के अनुसार, विमान 15,600 फीट तक पहुँचने से पहले ही लगभग 23,000 फीट प्रति मिनट की अत्यधिक गति से नीचे की ओर गोता लगाने लगा था। इस दौरान को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर भी हमला कर दिया जो उसे विमान के साथ छेड़छाड़ करने से रोकने का प्रयास कर रहे थे। कैप्टन मच्छार ने हार नहीं मानी और संघर्ष करते हुए न केवल हमलावर को रोका, बल्कि कॉकपिट का दरवाजा भी खोल दिया ताकि विमान के अन्य क्रू मेंबर्स और यात्री मदद के लिए अंदर आ सकें और स्थिति को नियंत्रित कर सकें। इस संघर्ष में कैप्टन मच्छार को चोटें भी आईं, लेकिन उनकी सूझबूझ ने एक बड़ी आपदा टाल दी।

राजदूत का संदेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

राजदूत रूवेन अजार ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का सटीक उदाहरण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंक के सामने झुकना कोई विकल्प नहीं है और जिस तरह से कैप्टन मच्छार ने व्यक्तिगत साहस दिखाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या इस घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच कोई संवाद हुआ है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस विशिष्ट बातचीत की जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में दोनों देशों की आतंकवाद-रोधी एजेंसियां निरंतर एक-दूसरे के संपर्क में रहती हैं। अजार ने आगे कहा कि आतंकवाद का सामना करने के लिए केवल सरकारी स्तर पर काम करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी लोगों का सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि चाहे उच्च स्तरीय राजनीतिक चर्चा हो या ऑपरेशनल स्तर की जानकारी का आदान-प्रदान, दोनों देश भविष्य में भी आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

सोशल मीडिया पर प्रार्थनाओं का दौर

घटना के बाद इजरायली राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के माध्यम से भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने फ्लाइट एफजेड1073 के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इजरायल, भारत और यूएई के साथ मिलकर वह कैप्टन मच्छार की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कैप्टन की हिम्मत, इजरायली और अमीराती यात्रियों तथा क्रू मेंबर्स के सहयोग के कारण ही 180 लोगों की जान बचाना संभव हो पाया। फ्लाइट में उस समय 170 से ज्यादा यात्री सवार थे।

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