बिहार की राजधानी पटना से बिजली विभाग की घोर लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां आलमगंज थाना क्षेत्र के गुलजारबाग की जय हिंद गली में रहने वाले बिजली उपभोक्ता कृष्णा प्रसाद सिंह के साथ जो हुआ, उसने सबको चौंका कर रख दिया है। कृष्णा प्रसाद सिंह के घरेलू बिजली कनेक्शन के खाते में अचानक 2 करोड़ 33 लाख 24 हजार 112 रुपये का भारी-भरकम बिल जेनरेट हो गया। इस अकल्पनीय बिल को अपनी स्क्रीन पर देखते ही कृष्णा प्रसाद सिंह को जोर का झटका लगा और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें बेसुध अवस्था में देख उनके परिवार के सदस्यों ने आनन-फानन में पानी के छींटे मारे और उन्हें संभालकर दवा दी।
करोड़ों का बिल देख उड़े होश
कृष्णा प्रसाद सिंह के मुताबिक, उन्होंने अपने घर के लिए सामान्य बिजली कनेक्शन ले रखा है। 30 सितंबर 2026 की तारीख को जब उन्होंने अपने बिजली बिल की वर्तमान स्थिति की जांच करने के लिए ऐप या पोर्टल का रुख किया, तो उनके होश उड़ गए। वहां उनके खाते में 2,33,24,112 रुपये की बकाया राशि दिखाई दे रही थी। इतनी बड़ी राशि अपने बिजली बिल में देखकर उपभोक्ता पूरी तरह स्तब्ध रह गए। उनके लिए यह समझना मुश्किल था कि आखिर किस आधार पर या किस तकनीकी चूक की वजह से उनके साधारण घरेलू बिजली कनेक्शन पर करोड़ों का बकाया दर्शाया गया है।
सदमे में बिगड़ी तबीयत
उपभोक्ता ने बताया कि बिल की इस बड़ी गड़बड़ी से पहले उनके मोबाइल फोन पर बिजली खाते में महज 206 रुपये का बैलेंस दिखाई दे रहा था, जो कि एक सामान्य राशि थी। लेकिन अचानक सामने आए इस करोड़ों के बिल ने उन्हें मानसिक रूप से विचलित कर दिया। बिल देखते ही उन्हें गहरा सदमा लगा और उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के लोग इस घटना से काफी घबरा गए और उन्होंने तुरंत उन्हें प्राथमिक उपचार देकर संभालने की कोशिश की।
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
कृष्णा प्रसाद सिंह ने विभाग की इस भारी चूक पर तीखी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की ओर से इस तरह की लापरवाही न केवल हास्यास्पद है, बल्कि यह बेहद चिंताजनक भी है। उन्होंने तर्क दिया कि एक आम घरेलू उपभोक्ता के बिल में बिना किसी आधार के करोड़ों रुपये जोड़ देना विभाग की सिस्टम में बड़ी खामियों की ओर इशारा करता है। उन्होंने चेताया कि इस तरह की गलतियां किसी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य और उसकी जान के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती हैं।
शिकायत के बाद बिल में हुआ सुधार
घटना के बाद कृष्णा प्रसाद सिंह ने अपने बेटे को तुरंत बिजली विभाग के संबंधित कार्यालय भेजा। वहां मौजूद कर्मचारियों ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए इसे तकनीकी त्रुटि बताया और बिल को ठीक करने का आश्वासन दिया। हालांकि, परिवार काफी देर तक तनाव और दहशत के माहौल में रहा। राहत की बात यह है कि विभाग ने बाद में बिल में सुधार कर दिया है। अब उनके बिजली खाते में 333 रुपये 45 पैसे का बैलेंस दिखाई दे रहा है। इस सुधार के बाद ही परिवार ने राहत की सांस ली है।
भविष्य में सतर्कता की जरूरत
इस पूरे प्रकरण ने बिजली बिल तैयार करने और उसे अपडेट करने की ऑनलाइन प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। भले ही विभाग ने अपनी गलती को दुरुस्त कर दिया है, लेकिन पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि भविष्य में ऐसी गलती किसी अन्य उपभोक्ता के साथ न हो, इसके लिए पूरे सिस्टम की गहन जांच की जानी चाहिए। चंद घंटों का यह करोड़ों का बिल किसी भी आम इंसान को गहरे मानसिक आघात में धकेल सकता है, जिसे विभाग को गंभीरता से लेना चाहिए।
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