बदलता ओडिशा और निवेश का नया दौर
कभी अपनी खनिज संपदा और स्टील उद्योगों के लिए पहचाना जाने वाला ओडिशा राज्य अब देश के तकनीकी मानचित्र पर एक नई पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर है। राज्य की औद्योगिक तस्वीर में यह बदलाव बेहद नाटकीय है। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के नेतृत्व में हुई हालिया बैठकों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ओडिशा अब तकनीक और नवाचार का बड़ा केंद्र बनने के लिए तैयार है। राज्य को कुल 27 महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनकी कुल अनुमानित राशि लगभग 2.47 लाख करोड़ रुपये है। इन प्रस्तावों का मुख्य केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डाटा सेंटर की स्थापना है।
रोजगार के नए अवसर और औद्योगिक विकास
इस बड़े निवेश का सबसे सकारात्मक असर राज्य के युवाओं पर पड़ेगा। सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इन 27 परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य में 50 हजार से अधिक नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। ये परियोजनाएं ओडिशा के 15 अलग-अलग जिलों में फैलाई जाएंगी, जिससे विकास की किरणें केवल राजधानी तक सीमित न रहकर पूरे राज्य में पहुंचेंगी। निवेश की इस भारी-भरकम राशि में से लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये केवल एआई और डाटा सेंटर तकनीक को समर्पित किए जाएंगे, जो राज्य की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
दिग्गज कंपनियों का ओडिशा पर भरोसा
राज्य में आने वाले निवेश की सबसे बड़ी कड़ी अडानी समूह की सहायक कंपनी हाई डेंसिटी डाटा सेंटर लिमिटेड है। कंपनी ने राज्य में 1.04 लाख करोड़ रुपये के निवेश से एक विशाल इंटीग्रेटेड डाटा सेंटर पार्क बनाने का ऐलान किया है। केवल इसी एक परियोजना से करीब 10 हजार लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। यह ओडिशा के अब तक के इतिहास का सबसे बड़ा बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट साबित होगा।
तकनीकी हब के रूप में भुवनेश्वर की भूमिका
आईटी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अन्य बड़ी कंपनियों ने भी अपनी रुचि दिखाई है। एचसीएल ने खोरदा जिले में 14,257 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक एआई-ऑप्टमाइज्ड डाटा सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिससे लगभग 400 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसी क्रम में SentraForge AI Ltd ने पुरी में 22,634 करोड़ रुपये के भारी निवेश से एआई डाटा सेंटर और ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर बनाने की घोषणा की है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से 2,320 युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, RKD कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड भी कटक में 1,500 करोड़ रुपये की लागत से अपना डाटा सेंटर स्थापित करेगी। इन तमाम बड़ी घोषणाओं ने यह साबित कर दिया है कि ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर अब तकनीकी कंपनियों के लिए एक प्रमुख पसंदीदा केंद्र बन चुकी है। राज्य सरकार अब इसे एआई और डाटा सेंटर के हब के तौर पर पूरी दुनिया के सामने पेश कर रही है।
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