कल का मौसम 1 अक्टूबर: 20 राज्यों में बदलेगा मिजाज, IMD ने दी भारी बारिश और आंधी की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 1 अक्टूबर के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है, जहां मानसून की विदाई के बीच देश के 20 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। उत्तर और दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने के आसार कम हैं।

मानसून की विदाई और मौसम का नया दौर

भारत में मानसून अब अपने आखिरी पड़ाव की ओर अग्रसर है, लेकिन विदाई के बावजूद देश के एक बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में दो प्रमुख मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनका असर 20 राज्यों के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। वर्तमान में मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया जैसे क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। आगामी 2 से 3 दिनों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों से भी मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि, मानसून की विदाई का अर्थ यह नहीं है कि बारिश का सिलसिला अचानक समाप्त हो जाएगा, क्योंकि विभिन्न राज्यों में सक्रिय मौसमी प्रणालियां अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर बनाए रखेंगी।

उत्तर भारत पर मौसमी प्रणालियों का दबाव

उत्तरी भारत के मौसम को प्रभावित करने वाले मुख्य कारकों में उत्तर हरियाणा और उससे सटे इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ शामिल है, जो चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में मौजूद है। यह सिस्टम समुद्र तल से 1.5 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक प्रभावी है। इसके साथ ही पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ भी बनी हुई है। वहीं, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के आसपास के क्षेत्रों में 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन कारकों के चलते स्थानीय स्तर पर बादलों का जमावड़ा और बारिश की गतिविधियां उत्तर भारत के कई राज्यों में देखी जा रही हैं।

दिल्ली-NCR में मौसम का हाल

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के निवासियों के लिए 1 अक्टूबर का दिन अपेक्षाकृत राहत भरा रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि राजधानी में मुख्य रूप से आसमान साफ रहेगा। मानसून की वापसी की रेखा दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम और पश्चिमी भागों से होकर गुजर रही है। यद्यपि आसपास के राज्यों में सक्रिय प्रणालियों का आंशिक प्रभाव बना रहेगा, फिर भी 1 अक्टूबर को दिल्ली-NCR में बारिश होने की संभावना नहीं है। जैसे-जैसे मानसून पूरी तरह विदा होगा, राजधानी में मौसम और अधिक शुष्क और साफ होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश का पूर्वानुमान

उत्तर प्रदेश के परिप्रेक्ष्य में देखें तो मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो रही हैं। अगले 48 से 72 घंटों में राज्य के शेष हिस्सों से भी मानसून के हटने की प्रबल संभावना है। हालांकि, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तराखंड में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी। IMD ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी है, जिसके बाद 5 और 6 अक्टूबर को भी छिटपुट बारिश का सिलसिला देखा जा सकता है।

बिहार और झारखंड में गरज-चमक की चेतावनी

बिहार और झारखंड में मानसून की विदाई के संकेत मिलने के बाद भी बारिश की गतिविधियां पूरी तरह थमने वाली नहीं हैं। बिहार के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण के कारण 30 सितंबर को बारिश के बाद 3 अक्टूबर से 6 अक्टूबर के बीच भी कई इलाकों में बरसात होने का अनुमान है। विशेष रूप से 4 से 6 अक्टूबर के दौरान बिहार में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ आंधी की स्थिति भी पैदा हो सकती है। झारखंड में भी 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है, हालांकि धीरे-धीरे यहाँ मौसम साफ होने लगेगा।

पूर्वोत्तर में भारी बारिश का खतरा

पूर्वोत्तर भारत के लिए मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। उत्तर म्यांमार और उससे सटे बांग्लादेश, मिजोरम व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसका चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह सिस्टम अगले 12 घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए मिजोरम और त्रिपुरा के प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगा। इस कारण 3 और 4 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत में फिलहाल मानसून का प्रभाव सबसे अधिक सक्रिय है। केरल, माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश होने का अनुमान है। 1 अक्टूबर को इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज और चमक के साथ बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 1 से 6 अक्टूबर के बीच बारिश का दौर निरंतर बना रहने की संभावना है। इसी तरह, तटीय कर्नाटक में 1-2 अक्टूबर और तमिलनाडु में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

महाराष्ट्र और मध्य भारत में बदलाव

महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। 30 सितंबर को इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में 30 सितंबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक वर्षा के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 2 से 6 अक्टूबर के बीच तथा विदर्भ के कुछ हिस्सों में 30 सितंबर और फिर 5-6 अक्टूबर को बारिश की संभावना बनी हुई है। संक्षेप में, अक्टूबर की शुरुआत देश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम की ओर संक्रमण का संकेत है, लेकिन कई राज्यों में सक्रिय प्रणालियां अभी भी लोगों के लिए चुनौती बनी रहेंगी।

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