मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित अपहरण के वीडियो ने सनसनी फैला दी थी। हालांकि, अब इस पूरे मामले में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जीवाजीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लालबाई-फूलबाई इलाके में मंगलवार रात को हुई इस घटना को लेकर पहले दावा किया जा रहा था कि एक युवती का सरेआम अपहरण कर लिया गया है। लेकिन अब इस मामले की पूरी हकीकत सामने आ चुकी है, जिसने पुलिस और जनता दोनों को हैरान कर दिया है। दरअसल, यह मामला जबरन अपहरण का नहीं, बल्कि आपसी रजामंदी से भागकर विवाह करने का निकला।
प्रेमी जोड़े ने वीडियो जारी कर खोला राज
वायरल वीडियो पर मचे बवाल के बीच, खुद उस प्रेमी जोड़े ने सामने आकर अपनी सच्चाई बयां की है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो बयान में युवती ने पूरे घटनाक्रम की असलियत उजागर की। उसने बताया कि वह और उसका प्रेमी पिछले 4 वर्षों से एक-दूसरे के साथ प्रेम संबंध में थे और अब उन्होंने शादी कर ली है। युवती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अपनी मर्जी से अपने प्रेमी की गाड़ी में बैठी थी। वीडियो में उसने बताया, 'मैं स्वेच्छा से अपने प्रेमी की कार में जाकर बैठी थी। मेरी बहन ने जबरदस्ती मेरा हाथ पकड़ा हुआ था।' जांच में सामने आया है कि युवती के पिता शहर के ट्रैफिक पुलिस स्टेशन से जुड़े एक प्राइवेट क्रेन चालक के रूप में कार्यरत हैं।
वायरल सीसीटीवी फुटेज से फैली थी दहशत
इससे पहले, मंगलवार की रात को लालबाई-फूलबाई क्षेत्र से एक CCTV फुटेज तेजी से वायरल हुआ था। इस फुटेज में नजर आ रहा था कि एक बिना नंबर प्लेट वाली कार में दो से तीन युवक आते हैं और घर के बाहर खड़ी एक लड़की को जबरन गाड़ी के अंदर खींच लेते हैं। इस वीडियो को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा थी कि युवती का सरेआम अपहरण किया जा रहा है। इस वीडियो के इंटरनेट पर फैलते ही लोगों में भारी आक्रोश और चिंता फैल गई। हाल ही में बिहार के रोहतास जिले में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां घर से भागकर शादी करने वाली एक लड़की का शव बरामद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उसके पति समेत एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। इसी वजह से उज्जैन की इस घटना को लेकर भी लोगों में गहरी आशंका पैदा हो गई थी।
पुलिस ने राहत की सांस ली, मामला शांत
इस CCTV वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई थी और मामले की छानबीन शुरू कर दी थी। लेकिन जब प्रेमी जोड़े का वीडियो बयान पुलिस और जनता के सामने आया, तो पूरा सच साफ हो गया। युवती के खुद अपनी मर्जी से जाने और शादी करने की बात स्वीकारने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को पूरी तरह सुलझा हुआ मान लिया है। इस मामले में शामिल युवक के खिलाफ पुलिस द्वारा आगे की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
उज्जैन में कानून-व्यवस्था की स्थिति और समाज की सोच
गौरतलब है कि हाल के महीनों में उज्जैन शहर में अपराध की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। बच्चों को छुड़ाने के बड़े ऑपरेशनों से लेकर हाई-प्रोफाइल मारपीट की घटनाओं ने पूरे मध्य प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। ऐसे संवेदनशील माहौल में किसी भी संदिग्ध वीडियो के आने से जनता में घबराहट होना स्वाभाविक है। यह मामला दर्शाता है कि कैसे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो जमीनी हकीकत से बिल्कुल अलग हो सकते हैं, इसलिए किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले पूरी जांच जरूरी है। इसके साथ ही, यह घटना हमारे समाज के उस रूढ़िवादी ताने-बाने को भी दर्शाती है जहां बालिग जोड़ों को अपने फैसले लेने के लिए घर से भागने जैसे कदम उठाने पड़ते हैं और अक्सर ऐसी घटनाओं को अपहरण का रूप दे दिया जाता है।
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