मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, कामकाज पर रोक लगाने की मांग

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल की गई है, जिसमें एसआईटी जांच की मांग के साथ-साथ उनके काम करने पर रोक लगाने की अपील की गई है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंची भारतीय निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली

देश की सर्वोच्च अदालत में भारतीय निर्वाचन आयोग के शीर्ष नेतृत्व और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर कानूनी चुनौती सामने आई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की गई है। इस याचिका के माध्यम से चुनाव आयोग के फैसलों और कामकाज के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह उर्फ राकेश सिंह ने मांग की है कि आयोग के पूरे रिकॉर्ड की न्यायिक समीक्षा या विशेष जांच दल यानी SIT से जांच कराई जानी चाहिए।

याचिका में उठाए गए मुख्य आरोप

याचिकाकर्ता का मुख्य आरोप है कि चुनाव आयोग एक बहु-सदस्यीय संस्था है, लेकिन इसकी शक्तियों का इस्तेमाल करते समय संविधान के आर्टिकल 324 और 2023 एक्ट के सेक्शन 18 में निर्धारित सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। याचिका में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आयोग के फैसलों में उस प्रक्रिया को दरकिनार किया गया है जो अनिवार्य रूप से आम सहमति पर आधारित होनी चाहिए थी।

जुलाई 2026 के बदलावों पर सवाल

इस याचिका में मुख्य रूप से जुलाई 2026 में फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर तीखी आपत्ति जताई गई है। याचिकाकर्ता ने इन बदलावों और आयोग द्वारा की गई अन्य कार्रवाइयों को पूरी तरह से रद्द करने की मांग की है। याचिका में आग्रह किया गया है कि यदि रिकॉर्ड की जांच में यह साबित होता है कि बिना उचित अनुमति के फैसले लिए गए हैं, तो इसकी गहन जांच होनी चाहिए। साथ ही, याचिका में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अंतर्गत लिए गए सभी फैसलों, निर्देशों और उपायों को शुरू से ही शून्य और गैर-कानूनी घोषित करने की मांग की गई है।

कामकाज पर रोक और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से यह निर्देश देने की अपील की है कि जब तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं आ जाता, तब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से संबंधित कामकाज करने से रोका जाए। इसके अतिरिक्त, याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो। याचिका के अनुसार, ईसीआई का हर कामकाज आम सहमति से होना चाहिए और यदि राय में मतभेद हो, तो बहुमत के आधार पर निर्णय लिया जाना आवश्यक है। याचिका में अदालत से यह भी गुहार लगाई गई है कि आयोग के संबंधित रिकॉर्ड को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए और फॉर्म-6 में आगे किसी भी तरह के बड़े बदलाव पर तत्काल रोक लगाई जाए।

https://hindi.news18.com/news/nation/form-6-sir-supreme-court-petition-filed-against-gyanesh-kumar-seeking-to-restrain-cec-from-functioning-10870246.html