लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कहर, किसानों को फसल और जमीन के नुकसान पर ऐसे मिलेगा मुआवजा

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी के कटाव से किसानों की फसलें और उपजाऊ जमीनें बर्बाद हो रही हैं। प्रशासन ने प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने के लिए सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

शारदा नदी के कटाव से किसानों पर संकट

लखीमपुर खीरी जिले के गोला तहसील स्थित रूरा सुल्तानपुर गांव में शारदा नदी का कटाव किसानों के लिए भारी मुसीबत बनकर उभरा है। अब तक नदी की लहरों में 40 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि समा चुकी है। हालात इतने गंभीर हैं कि अब नदी का बहाव रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहा है। जिन किसानों ने कर्ज लेकर अपनी फसलों की बुआई की थी, वे अब भारी नुकसान के चलते गहरे संकट में हैं।

मुआवजा और सर्वे की प्रक्रिया

प्रशासन ने इस विनाशकारी कटाव का संज्ञान लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है ताकि नियमानुसार राहत राशि वितरित की जा सके। जमीन के साथ साथ धान और गन्ने जैसी प्रमुख फसलों के हुए नुकसान के लिए अलग अलग आर्थिक दरें निर्धारित की गई हैं।

आवश्यक दस्तावेज और जानकारी

प्रभावित किसानों को मुआवजा प्राप्त करने के लिए राजस्व विभाग को अपने जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इसमें मुख्य रूप से जमीन की खतौनी, पहचान पत्र, और फसल के नुकसान का आधिकारिक ब्यौरा शामिल है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही पात्र किसानों को सहायता राशि उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने संबंधित लेखपाल या तहसील कार्यालय से संपर्क बनाए रखें ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी चूक न हो।

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