बिहार के नालंदा के रहने वाले सोनू कुमार एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वर्ष 2022 में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने बेबाकी से अपनी बात रखने और सरकारी स्कूल की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने के बाद चर्चा में आए सोनू कुमार ने अब कॉर्पोरेट जगत और तकनीकी शिक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े किए हैं। एनपीएमएआई (NPMAI) इकोसिस्टम के संस्थापक सोनू कुमार ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने नए सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरी और उनकी तकनीकी तैयारी को लेकर अपनी राय रखी है।
15 साल के सोनू कुमार ने इस वीडियो में बेहद गहराई से समझाया है कि आखिर आजकल के नए सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को नौकरियां क्यों नहीं मिल रही हैं और बाजार में हायरिंग कम होने की असली वजह क्या है। उन्होंने बताया कि किस तरह देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी (IIT) के छात्र भी नौकरी के इंटरव्यू के दौरान बुनियादी सवालों पर अटक रहे हैं।
तकनीकी तैयारी और बुनियादी सिद्धांतों में भारी अंतर
सोनू कुमार ने बताया कि आज के समय में सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के बीच एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नए डेवलपर्स आधुनिक टूल्स और एब्स्ट्रैक्शन लेवल की एडवांस चीजों पर तो बहुत ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, लेकिन जब बात कंप्यूटर साइंस के बुनियादी सिद्धांतों यानी फंडामेंटल्स की आती है, तो उनकी पकड़ बेहद कमजोर साबित हो रही है। इसी वजह से तकनीकी क्षेत्र में नियुक्तियां लगातार कम होती जा रही हैं, क्योंकि कंपनियों को काम करने के लिए बुनियादी समझ रखने वाले युवाओं की जरूरत है जो संकट के समय समस्या का सही समाधान निकाल सकें।
जब इंटरव्यू में पहुंचे आईआईटी रुड़की और दिल्ली के छात्र
अपने अनुभव को साझा करते हुए सोनू कुमार ने बताया कि वह आमतौर पर एनपीएमएआई इकोसिस्टम के इंटरव्यू पैनल में नहीं बैठते हैं, क्योंकि इसके लिए उनके पास एक अलग से विशेषज्ञ टीम है। लेकिन हाल ही में जब वे खुद एक इंटरव्यू पैनल का हिस्सा बने, तो उनके सामने कुछ बेहद चौंकाने वाले मामले सामने आए। इस इंटरव्यू के दौरान IIT रुड़की के दो छात्र शामिल हुए थे। इसके अलावा IIT दिल्ली का भी एक छात्र आया था, जिसकी CGPA थोड़ी कम थी, इसलिए उसने वहां आवेदन किया था। साथ ही नोएडा की एक बड़ी और मशहूर प्राइवेट यूनिवर्सिटी के भी तीन-चार छात्र इस इंटरव्यू प्रक्रिया का हिस्सा बने थे।
सोनू कुमार के अनुसार, इंटरव्यू के दौरान जब उन्होंने बुनियादी तकनीकी सवाल पूछने शुरू किए, तो पूरी स्थिति काफी निराशाजनक हो गई। उन्होंने जब डेटाबेस से जुड़े कुछ सवाल पूछे और एब्स्ट्रैक्शन लेवल के बारे में जानना चाहा, तो छात्र हैरान रह गए। सोनू ने आगे बताया कि किसी भी छात्र को कैस्केडिंग (Cascading) के बारे में नहीं पता था। हद तो तब हो गई जब आईआईटी रुड़की के छात्र को यह तक नहीं पता था कि शार्डिंग (Sharding) क्या होता है, और वह इसके बारे में कुछ अलग ही और पूरी तरह से गलत जानकारी देने लगा। सोनू ने इसे एक बेहद मजाकिया इंटरव्यू बताया और कहा कि वे छात्रों की प्राइवेसी बनाए रखने के कारण इसे रिकॉर्ड नहीं कर सके, अन्यथा लोग खुद देख पाते कि आज की तकनीकी शिक्षा की क्या स्थिति है।
नेटवर्किंग और क्लाउड के सवालों पर नहीं मिला जवाब
सोनू कुमार ने बताया कि उन्हें अपनी कंपनी के क्लाउड ऑपरेशन्स और DevOps टीम के लिए कुछ लोगों को नियुक्त करना था। इसके लिए जब वे इंटरव्यू में थोड़ा गहराई में गए और नेटवर्किंग से जुड़े बुनियादी सवाल पूछे, तो छात्र उन्हें व्यावहारिक समझ बताने के बजाय केवल किताबों में लिखी हुई परिभाषाएं रटकर सुनाने लगे।
उन्होंने इस बात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि,
"मुझे अंत में यह समझ आया कि जितने भी नए-नए डेवलपर्स जो बन रहे हैं, मैं यह नहीं कह रहा हूं कि उन्हें एब्स्ट्रैक्शन लेवल की चीजें नहीं आनी चाहिए, एकदम आनी चाहिए। मैं तो कहता हूं उन पर ही फोकस करो, फंडामेंटल्स में ज्यादा डीप में मत जाओ। लेकिन बुनियादी चीजें आनी तो चाहिए ना?"
सोनू ने हैरानी जताते हुए कहा कि कई डेवलपर्स को क्लाउड सर्विस AWS के तमाम जटिल टूल्स जैसे सेजमेकर की पूरी जानकारी होती है, वे पूरी API भी संभाल रहे होते हैं, लेकिन जब उनसे यह पूछा जाए कि बैकएंड में नेटवर्किंग कैसे काम कर रही है, कैसे IP और DNS कनेक्ट हो रहे हैं, तो वे पूरी तरह से निरुत्तर हो जाते हैं।
नए सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के लिए सोनू कुमार के महत्वपूर्ण टिप्स
नए युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर पाने और तकनीकी रूप से सक्षम बनने के लिए सोनू कुमार ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण सलाह दी हैं, जिन्हें हर नए डेवलपर को ध्यान में रखना चाहिए:
- फंडामेंटल्स को मजबूत करें: आधुनिक टूल्स सीखने से पहले कंप्यूटर साइंस के बुनियादी सिद्धांतों जैसे डेटाबेस मैनेजमेंट, नेटवर्किंग और एब्स्ट्रैक्शन लेवल को अच्छी तरह समझें।
- सिर्फ परिभाषाएं न रटें: किसी भी विषय की केवल किताबी परिभाषा याद करने के बजाय इस बात पर ध्यान दें कि वह तकनीक व्यावहारिक रूप से असल दुनिया में कैसे काम करती है।
- नेटवर्किंग की बुनियादी समझ: यदि आप क्लाउड या DevOps के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, तो आपको IP, DNS और नेटवर्किंग प्रोटोकॉल की बुनियादी कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
- टूल्स के पीछे का विज्ञान समझें: AWS या किसी अन्य क्लाउड प्लेटफॉर्म के सेजमेकर जैसे एडवांस टूल्स का उपयोग करने के साथ-साथ यह भी जानें कि उनके पीछे का बुनियादी आर्किटेक्चर कैसे काम करता है।
सोनू कुमार का यह वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे युवाओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह वीडियो इस बात की ओर भी इशारा करता है कि देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्रों को भी अब अपनी पढ़ाई के तौर-तरीकों में बदलाव करने की जरूरत है, ताकि वे आज की वैश्विक नौकरियों की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
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