झज्जर के अयान लोहचब ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, मां बोलीं- बेटे को चूरमा खिलाकर किया था विदा, लौटने पर फिर खिलाऊंगी

जापान में चल रहे एशियन गेम्स में भारतीय कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक जीता है, जिसमें झज्जर के खिलाड़ी अयान लोहचब का शानदार योगदान रहा है। उनकी जीत से परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है।

जापान में आयोजित किए जा रहे एशियन गेम्स से भारत के लिए खेल जगत की एक बेहद गौरवशाली और बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय कबड्डी टीम ने अपने बेहतरीन खेल और बेजोड़ तालमेल के दम पर विरोधी टीमों को शिकस्त देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। भारत की इस शानदार और स्वर्णिम जीत में हरियाणा के झज्जर जिले के अंतर्गत आने वाले बुपनिया गांव के प्रतिभावान खिलाड़ी अयान लोहचब का बहुत बड़ा योगदान रहा है। अयान के बेहतरीन प्रदर्शन के बल पर भारतीय टीम ने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। इस बड़ी कामयाबी की खबर मिलते ही अयान के गृह जिले झज्जर और विशेष रूप से उनके गांव बुपनिया में खुशी और उत्सव का माहौल बन गया है। गांव के लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं और मिठाइयां बांटकर इस जीत का जश्न मना रहे हैं।

दादी और मां का दुलार: चूरमा खिलाकर किया था विदा

अयान लोहचब की इस ऐतिहासिक सफलता से उनके परिवार की आंखें खुशी से छलक उठी हैं। अयान की मां सोनिया और उनकी दादी खजानी देवी ने इस स्वर्णिम पल पर अपनी गहरी खुशी साझा की है। मां सोनिया ने बताया कि जब अयान एशियन गेम्स की बड़ी चुनौती के लिए घर से विदा हो रहे थे, तब उनकी दादी खजानी देवी ने बेहद लाड-प्यार से अपने हाथों से बना हुआ देसी चूरमा खिलाकर उन्हें रवाना किया था। हरियाणा की माटी में पले-बढ़े खिलाड़ियों की ताकत और ऊर्जा के पीछे ऐसे ही घरेलू और पारंपरिक खान-पान का हाथ होता है। मां ने गर्व के साथ कहा कि अब जब उनका बेटा देश का मान बढ़ाकर आगामी 30 सितंबर को वापस लौटेगा, तो वे एक बार फिर अपने हाथों से स्वादिष्ट चूरमा तैयार करेंगी और उसे खिलाकर उसका जोरदार स्वागत करेंगी। उनका मानना है कि उनका बेटा आने वाले समय में भी इसी तरह देश के लिए शानदार प्रदर्शन करता रहेगा और मेडल लाता रहेगा।

30 सितंबर को बुपनिया गांव में होगा भव्य स्वागत

अयान की इस बड़ी जीत ने उनके पूरे परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अयान के भाई सुमित ने बताया कि अयान की इस शानदार जीत को लेकर न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा बुपनिया गांव बेहद उत्साहित है। अयान आगामी 30 सितंबर को वापस अपने पैतृक घर लौटेंगे। इस खास दिन के लिए ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों ने एक बड़े और भव्य स्वागत समारोह की योजना बनाई है। गांव की सीमा पर अयान का भव्य स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए घर लाया जाएगा। गांव के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि अयान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर गांव का नाम चमकाया है और उनका यह सम्मान पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।

प्रो कबड्डी के स्टार खिलाड़ी से अंतरराष्ट्रीय चैंपियन बनने का सफर

अयान लोहचब का कबड्डी के मैदान पर यह सफर अचानक शुरू नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे उनकी बरसों की कड़ी मेहनत और लगन छिपी है। एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने से पहले अयान ने देश की सबसे लोकप्रिय कबड्डी लीग, प्रो कबड्डी में भी अपने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया था। प्रो कबड्डी के मैचों में उनके द्वारा किए गए शानदार रेड और डिफेंस ने उन्हें देश के चुनिंदा खिलाड़ियों की श्रेणी में ला खड़ा किया था। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर उन्हें भारतीय कबड्डी टीम में स्थान मिला। अयान के परिवार ने बताया कि वे बचपन से ही कबड्डी के खेल के प्रति समर्पित रहे हैं और दिन-रात मैदान पर पसीना बहाते थे। परिवार को पूर्ण विश्वास है कि अयान की यह स्वर्णिम यात्रा यहीं नहीं रुकेगी और वे भविष्य में भी देश के लिए कई और महत्वपूर्ण पदक जीतकर लाएंगे।

https://hindi.news18.com/news/sports/others-indian-kabaddi-team-win-gold-medal-player-ayan-lohchab-mother-says-sent-him-feeding-churma-local18-10867795.html