नीतीश के असली वारिस हैं निशांत कुमार, उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जाए: उपेंद्र कुशवाहा की बड़ी मांग

राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने अपनी नई संगठनात्मक टीम घोषित करते हुए विधायक आलोक सिंह को बिहार का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उनका असली राजनीतिक उत्तराधिकारी बताते हुए उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग की।

बिहार की सियासत में एक बार फिर उत्तराधिकार को लेकर चर्चा गर्म हो गई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष और दूसरे पदाधिकारियों की घोषणा के साथ ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वास्तविक राजनीतिक वारिस उनके बेटे निशांत कुमार हैं। इसके साथ ही कुशवाहा ने जेडीयू के प्रति अपने पुराने भावनात्मक लगाव को भी सार्वजनिक रूप से जाहिर किया।

आरएलएम की नई संगठनात्मक टीम घोषित

संगठनात्मक चुनाव के दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने विधायक आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष, प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष तथा हिमांशु पटेल को प्रधान महासचिव नियुक्त किया। पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए इन पदाधिकारियों का चयन किया गया।

प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दो नेताओं ने नामांकन दाखिल किया था, जिसके बाद अंतिम और सर्वसम्मत निर्णय लेने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को अधिकृत किया गया। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के मकसद से प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई, जबकि हिमांशु पटेल को प्रधान महासचिव बनाया गया। पार्टी ने सांगठनिक मजबूती के लिए मतदान की व्यवस्था को भी आवश्यक बताया।

विचारधारा भले अलग, पर गठबंधन जरूरी

अपनी पार्टी की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा की राजनीतिक विचारधारा भारतीय जनता पार्टी से पूरी तरह मेल नहीं खाती। उनके मुताबिक लोकतंत्र में अलग-अलग विचारधाराओं के बावजूद लोगों को एक मंच पर लाने के लिए गठबंधन की आवश्यकता होती है, और इसी माध्यम से भिन्न सोच वाले दल साथ आते हैं।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापक राजनीतिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए राष्ट्रीय लोक मोर्चा एनडीए में पूरी मजबूती के साथ बना रहेगा। कुशवाहा का कहना था कि बिहार को बचाने और सामाजिक न्याय की विचारधारा को कायम रखने के लिए यह एकजुटता बेहद जरूरी है।

पुराने साथियों की वफादारी पर भरोसा

कुशवाहा ने उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी आश्वस्त किया, जो समता पार्टी के शुरुआती दौर से ही नीतीश कुमार के साथ संघर्ष करते आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि समता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के निर्माण में उनके जैसे नेताओं ने अपना खून-पसीना लगाया है, इसलिए जब भी पार्टी में कोई आंतरिक परेशानी आती है तो उन्हें निजी तौर पर पीड़ा होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष के पुराने साथी कभी भी बीजेपी या राजद की ओर रुख नहीं करेंगे, बल्कि जहां हैं वहीं डटे रहेंगे।

'निशांत कुमार ही नीतीश के सच्चे उत्तराधिकारी'

कुशवाहा के बयान का सबसे अहम हिस्सा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार से जुड़ा रहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार के राजनीतिक अस्तित्व और जदयू को बचाए रखने के लिए निशांत कुमार को बहुत पहले ही राजनीति में आगे लाया जाना चाहिए था।

उन्होंने खुलकर मांग रखी कि निशांत कुमार को केवल कैबिनेट मंत्री नहीं, बल्कि बिहार का उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए, क्योंकि वही नीतीश कुमार के असली और सच्चे राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं।

13 जून को राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

इसी क्रम में कुशवाहा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा की राष्ट्रीय टीम के गठन और नेतृत्व को लेकर आने वाले दिनों में बड़ी बैठक होने जा रही है। पार्टी के सांगठनिक ढांचे को अंतिम रूप देने और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 13 जून को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण मतदान प्रक्रिया और बैठक तय की गई है, जिसके बाद पार्टी की आगे की रणनीति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

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