क्या प्रोटीन शेक हर किसी के लिए अनिवार्य है?
आज के दौर में फिटनेस और वर्कआउट को लेकर लोगों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है, और इस दौरान प्रोटीन सबसे अधिक चर्चित शब्द बन चुका है। जिम जाने वाले युवाओं से लेकर अपना वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों तक, हर तरफ प्रोटीन की खपत बढ़ाने की सलाह दी जा रही है। बाजार में मौजूद प्रोटीन पाउडर और शेक का इस्तेमाल करना अब एक ट्रेंड सा बन गया है। लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि क्या वाकई आपको रोजाना बाहर से प्रोटीन सप्लीमेंट लेने की जरूरत है। क्या यह आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है या केवल एक फिटनेस ट्रेंड बनकर रह गया है? इस विषय पर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आलोक चोपड़ा ने सोशल मीडिया के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
प्रोटीन की दैनिक आवश्यकता कितनी है?
डॉक्टर आलोक चोपड़ा का स्पष्ट मानना है कि यदि आप अपने दैनिक आहार में संतुलित और पौष्टिक भोजन शामिल कर रहे हैं, तो आपको किसी भी तरह के प्रोटीन सप्लीमेंट या शेक की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति, जो बहुत अधिक शारीरिक गतिविधि नहीं करता, उसे अपने शरीर के प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से प्रतिदिन लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। हालांकि, यह मात्रा हर व्यक्ति की जीवनशैली के हिसाब से बदल सकती है। यदि कोई व्यक्ति अधिक व्यायाम करता है, उसकी उम्र बढ़ रही है, वह गर्भवती है या स्वास्थ्य संबंधी कोई विशेष स्थिति है, तो उसे अधिक प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। लेकिन, बिना सोचे-समझे जिम में किसी की सलाह पर सप्लीमेंट शुरू कर देना सही कदम नहीं है।
जरूरत से ज्यादा प्रोटीन के नुकसान
डॉक्टर चोपड़ा ने चेतावनी दी है कि शरीर को जितनी जरूरत है, उससे अधिक प्रोटीन का सेवन करना अंगों पर बुरा असर डाल सकता है और चयापचय की प्रक्रियाओं को बिगाड़ सकता है।
- किडनी पर बढ़ता दबाव: जब हम प्रोटीन का सेवन करते हैं, तो शरीर में कुछ अपशिष्ट पदार्थ बनते हैं जिन्हें किडनी को फिल्टर करके बाहर निकालना होता है। यदि आप बिना जरूरत के ज्यादा प्रोटीन का सेवन करते हैं, तो किडनी को अतिरिक्त काम करना पड़ता है, जिससे उस पर भारी दबाव पड़ता है।
- मांसपेशियों का भ्रम: कई लोगों को लगता है कि अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से मांसपेशियां तेजी से बढ़ेंगी, लेकिन ऐसा सोचना गलत है। मांस पेशियों की मरम्मत और विकास के लिए एक निश्चित मात्रा काफी होती है। शोध के अनुसार, प्रति मील में 20 से 30 ग्राम अच्छी गुणवत्ता वाला प्रोटीन मांसपेशियों के लिए पर्याप्त होता है।
सप्लीमेंट के अन्य खतरे
अत्यधिक प्रोटीन का सेवन स्वास्थ्य संबंधी कई गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। संवेदनशील लोगों में इससे डिहाइड्रेशन, किडनी में पथरी और गठिया जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा, बाजार में मिलने वाले कई प्रोटीन शेक में मिठास, कृत्रिम स्वाद, स्टेबलाइजर्स और कई प्रकार के एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
प्राकृतिक आहार से कैसे पूरा करें प्रोटीन?
प्रोटीन के लिए सप्लीमेंट की जगह प्राकृतिक स्रोतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि आप मांसाहारी हैं, तो अंडे, चिकन, मछली, सी फूड और लो फैट मीट का सेवन कर सकते हैं। वहीं, शाकाहारियों के लिए दालें, पनीर, टोफू, टेम्पेह, दही, ग्रीक योगर्ट, बीन्स, चना, मसूर, विभिन्न प्रकार के मेवे, बीज और बाजरा प्रोटीन के बेहतरीन और सुरक्षित स्रोत हैं। अपने खाने में इन चीजों को शामिल करके आप बिना किसी सप्लीमेंट के अपने शरीर की प्रोटीन की जरूरत को पूरा कर सकते हैं।
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