एनीमेशन की चकाचौंध भरी दुनिया को पीछे छोड़कर आध्यात्म के पथ पर निकले एक संन्यासी इन दिनों उत्तराखंड के नैनीताल में लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले यह साधु पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार बिना जूते-चप्पल के, नंगे पैर पूरे देश की यात्रा कर रहे हैं।
70 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा
अब तक यह स्वामी 70 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी पैदल तय कर चुके हैं। हाल ही में वह ऋषिकेश से चलकर नैनीताल पहुंचे हैं, जहां उनकी अनूठी जीवनशैली और संकल्प को देखकर लोग प्रभावित हो रहे हैं।
नयना देवी कॉरिडोर देखकर हुए भावुक
मां नयना देवी कॉरिडोर की भव्यता को निहारकर यह विशिष्ट संत भावुक हो उठे। उनकी यह यात्रा और समर्पण देखने वालों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है।
हर किसी के लिए प्रेरणा बनी कहानी
इस संत की कहानी आज हर व्यक्ति के लिए एक संदेश बनकर सामने आई है। यह बताती है कि अगर जीवन का लक्ष्य स्पष्ट हो, तो किसी भी मोड़ पर अपनी दिशा बदली जा सकती है और एक नई राह चुनी जा सकती है।
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