सपा सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के खिलाफ SC/ST एक्ट में केस दर्ज, गणेश विसर्जन के दौरान विवाद का मामला

उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए बवाल के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर मारपीट और जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

संत कबीर नगर में सांसद की मुश्किलें बढ़ीं

उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत, जिन्हें लोग पप्पू निषाद के नाम से भी जानते हैं, अब कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। उन पर अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह पूरा मामला गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए एक विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसने अब तूल पकड़ लिया है।

क्या है पूरा मामला और आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद पर मारपीट करने, किसी को जातिसूचक शब्द कहने और आपराधिक धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह एफआईआर विशाल नाम के एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है, जो अनुसूचित जाति समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि विवाद के दौरान उनके साथ न केवल बदसलूकी की गई, बल्कि जाति को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां भी की गईं, जो कानून की नजर में एक दंडनीय अपराध है।

सांसद का अपना पक्ष

इस विवाद के दूसरे पहलू की बात करें तो सांसद लक्ष्मीकांत ने खुद को भी पीड़ित बताया है। घटना के बाद सांसद का कहना था कि वे खुद एक पिछड़ी जाति से आते हैं। उन्होंने दावा किया कि विसर्जन के दौरान उनकी गाड़ी पर पथराव किया गया। सांसद ने अधिकारियों से शिकायत करते हुए यह तर्क दिया है कि उन्हें निशाना बनाया गया और उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया है। सांसद के समर्थक इस मामले में उनके बचाव में उतर आए हैं और इसे एक साजिश बता रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ विशाल द्वारा की गई शिकायत ने मामले को कानूनी रूप से उलझा दिया है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

संत कबीर नगर के स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस मामले की पुष्टि की है। मामला दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच में जुट गई है। विवाद के दौरान मौके पर मौजूद रहे लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आसपास के सबूतों को भी खंगाला जा रहा है। गणेश प्रतिमा विसर्जन जैसे संवेदनशील आयोजन के दौरान हुए इस हंगामे ने इलाके में काफी तनाव पैदा कर दिया था, जिसके चलते पुलिस प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

एक सांसद पर SC/ST एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है क्योंकि पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता पर इस तरह के आरोप लगे हैं। वहीं, विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

जांच का दायरा

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में अब पुलिस को बारीकी से साक्ष्यों का मिलान करना होगा। चूँकि सांसद का पक्ष पथराव और हमले से जुड़ा है, वहीं शिकायतकर्ता का पक्ष जातिसूचक शब्दों और दुर्व्यवहार का है, इसलिए पुलिस को दोनों ही पहलुओं की निष्पक्ष जांच करनी होगी। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल, सांसद पप्पू निषाद की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की बात कही गई है। क्षेत्र में स्थिति अभी सामान्य बनी हुई है लेकिन पुलिस बल की तैनाती के साथ निगरानी रखी जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का कोई विवाद दोबारा न पनपे।

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