गाजियाबाद में नया रेलवे स्टेशन के पास की सड़क पर अंधेरा, स्थानीय लोग दहशत में

नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के समीप दो किलोमीटर लंबी सड़क पर रोशनी की व्यवस्था नहीं है, जिससे रात होते ही राहगीरों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगती है।

अंधेरे के साये में राहगीर

गाजियाबाद के महत्वपूर्ण इलाकों राजनगर, कविनगर और संजयनगर को आपस में जोड़ने वाली करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों सुरक्षा के लिहाज से सवालों के घेरे में है। जैसे ही शाम ढलती है, यह पूरा मार्ग घने अंधेरे में समा जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के चलते यहाँ रात के समय से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।

स्ट्रीट लाइटें हुई खराब

इस सड़क का करीब 90 फीसदी हिस्सा ऐसा है जहाँ स्ट्रीट लाइटें या तो लगी नहीं हैं या फिर पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के ठीक बगल से गुजरने वाली इस सड़क पर रोशनी न होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। सड़क के दोनों किनारों पर लगे घने पेड़ों की शाखाएं अंधेरे को और घना बना देती हैं, जिससे राहगीरों को कुछ भी देख पाना मुश्किल हो जाता है।

हादसों और आपराधिक घटनाओं का डर

रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले लोगों का मानना है कि यहाँ का माहौल बेहद असुरक्षित हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि:

  • पैदल चलने वाले लोगों को सबसे ज्यादा डर लगता है।
  • वाहन सवार लोग भी रास्ते में होने वाली छिनैती और आपराधिक वारदातों की आशंका से डरे रहते हैं।
  • अंधेरे के कारण सड़क हादसों की संभावना भी कई गुना बढ़ गई है।

प्रशासन से की गई मांग

क्षेत्र के लोगों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से तुरंत इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है। निवासियों की प्रमुख मांगों में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की तत्काल मरम्मत करना और सड़क के आसपास फैली पेड़ों की शाखाओं की समय पर छंटाई करवाना शामिल है ताकि रोशनी का मार्ग साफ हो सके और रात के समय लोगों की आवाजाही सुरक्षित हो सके।

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