विदेशी वास्तुकला का भारतीय घर
बिहार के मधुबनी जिले में स्थित निधि चौक पर एक आलीशान घर इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घर मर्चेंट नेवी के सीनियर कैप्टन प्रकाश मिश्रा का है। लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मकान की सबसे बड़ी खासियत इसकी वास्तुकला है, जो पूरी तरह से जर्मन और यूरोपियन डिजाइन से प्रेरित है। बाहर से लेकर घर के भीतर तक, इसका हर कोना किसी विदेशी इमारत की तरह प्रतीत होता है, जो देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
दुनिया भर की यात्राओं से मिली प्रेरणा
कैप्टन प्रकाश मिश्रा पेशे से मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं। अपने काम के सिलसिले में उन्हें दुनिया के कई देशों की यात्रा करने का अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग देशों के दौरे के दौरान उन्होंने वहां की इमारतों, होटलों और आधुनिक शहरों के इंटीरियर डिजाइन को बहुत करीब से देखा और समझा। उन सुंदर वास्तुशिल्पों से प्रभावित होकर ही उन्होंने अपने सपनों के घर को उसी तर्ज पर बनाने का मन बनाया। उनके अनुसार, यह घर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि उनकी विदेश यात्राओं की यादों का एक संग्रह है।
अद्वितीय इंटीरियर और आकर्षक डिजाइन
इस घर के निर्माण में काफी समय और कड़ी मेहनत खर्च की गई है। कैप्टन मिश्रा ने इसे न केवल सुंदर बनाया है, बल्कि यह सुनिश्चित किया है कि यह उनके परिवार के रहने के लिए अत्यंत आरामदायक भी हो। घर की दीवारों पर किए गए POP का काम, विशेष प्रकार की टाइल्स का चयन और लाइटिंग की व्यवस्था सीधे यूरोपियन शैली की याद दिलाती है। उन्होंने बताया कि घर का हर हिस्सा एक विशेष थीम पर आधारित है।
तीन मंजिला घर की खास विशेषताएं
यह भव्य भवन करीब तीन मंजिला है। इसकी हर मंजिल पर रंगों के चयन और डिजाइन में अलग प्रयोग देखने को मिलता है। कहीं पर विक्टोरियन युग की कला का प्रभाव दिखाई देता है, तो कहीं दीवारों पर किया गया ऑरेंज रंग इसे एक अलग और आकर्षक लुक प्रदान करता है। फर्श की बात करें तो इसमें लाल और सफेद रंग के इटालियन ग्रेनाइट का इस्तेमाल किया गया है, जो घर की खूबसूरती में चार चांद लगाता है।
हर कमरे का अलग अंदाज
घर के भीतर प्रवेश करते ही एक छोटा लेकिन बेहद आकर्षक मीटिंग एरिया नजर आता है। इसके अलावा, सोफा सेटिंग, पूजा घर और डाइनिंग एरिया को भी बहुत ही खास तरीके से सजाया गया है। सीढ़ियों का निर्माण और उनकी बनावट भी किसी यूरोपियन बंगले जैसी लगती है। घर का हर कमरा अपनी एक अलग पहचान रखता है, जिसमें अलग-अलग रंगों और थीम का इस्तेमाल किया गया है। प्रकाश मिश्रा का कहना है कि दुनिया भर की सुख-सुविधाएं देखने के बाद भी जब वह अपने घर लौटते हैं, तो उन्हें जो सुकून मिलता है, वह अनमोल है। यही कारण है कि उन्होंने अपने घर को अपनी पसंद के अनुरूप ढालने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
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