संघर्ष और सफलता की अनूठी दास्तान
आज के दौर में जब लोग अपनी करियर की चिंताओं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच दबे हुए महसूस करते हैं, तब उत्तर प्रदेश की आईपीएस बुशरा बानो की कहानी एक नई ऊर्जा का संचार करती है। सोशल मीडिया पर हाल ही में उनके एक वीडियो के कारण उपजे विवाद के बाद बुशरा बानो एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। इस वीडियो में उनके अभिवादन करने के तरीके पर कुछ सवाल खड़े किए गए थे, लेकिन उनके करियर का ग्राफ और उनकी मेहनत किसी भी विवाद से कहीं ज्यादा बड़ी है। कन्नौज की गलियों से निकलकर सऊदी अरब के रेगिस्तान और फिर भारतीय पुलिस सेवा तक का उनका सफर यह सिद्ध करता है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो दुनिया की कोई भी बाधा आपको लक्ष्य पाने से नहीं रोक सकती।
कौन हैं बुशरा बानो और उनका शुरुआती सफर
बुशरा बानो का सफर केवल एक सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने तक सीमित नहीं है। यह उन तमाम सामाजिक और पारिवारिक रूढ़ियों को तोड़ने की कहानी है, जो अक्सर शादी के बाद महिलाओं के करियर को सीमित कर देती हैं। बुशरा का जन्म उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के सौरिख गांव में हुआ था। वह बचपन से ही शिक्षा के क्षेत्र में काफी मेधावी थीं। अपनी स्कूली शिक्षा को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, उन्होंने गणित विषय में बीएससी और उसके बाद एमबीए की डिग्री हासिल की। उनकी पढ़ाई के प्रति लगन यहीं नहीं रुकी और उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने नेट-जेआरएफ जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं भी पास कीं और आगरा के एक निजी कॉलेज में बतौर प्रोफेसर पढ़ाना शुरू किया।
वैवाहिक जीवन और सऊदी अरब का पड़ाव
एकेडमिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ती बुशरा बानो का निकाह अस्मार हुसैन के साथ हुआ। शादी के बाद उन्हें अपने पति के साथ विदेश जाना पड़ा, क्योंकि उस समय उनके पति सऊदी अरब की एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। विदेश जाकर भी बुशरा ने अपनी प्रतिभा को कम नहीं होने दिया और वहां भी शिक्षण कार्य से जुड़ी रहीं। हालांकि, अच्छी सैलरी और सुखद जीवन के बावजूद, उनके मन में कहीं न कहीं यह कसक हमेशा बनी रही कि उन्हें अपने देश के लिए कुछ विशेष योगदान देना है।
पति अस्मार हुसैन और उनका करियर
अक्सर लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर आईपीएस बुशरा बानो के पति अस्मार हुसैन क्या करते हैं। अस्मार हुसैन मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले हैं और उन्होंने भी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की है। सोशल मीडिया प्रोफाइल और उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्तमान में वह एक निजी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। जब बुशरा और अस्मार सऊदी अरब में रह रहे थे, तब अस्मार एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे, जिसके चलते बुशरा को अपना भारत का करियर छोड़कर उनके साथ वहां शिफ्ट होना पड़ा था।
विदेश की नौकरी को छोड़कर देश सेवा का सपना
सऊदी अरब में एक प्रोफेसर की सुखद जिंदगी और मोटी कमाई होने के बावजूद, बुशरा बानो का मन वहां नहीं लगा। उनके दिल में अपने देश के प्रति सेवा की जो इच्छा थी, उसने उन्हें एक बड़ा फैसला लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विदेश में मिली चकाचौंध और सुरक्षित भविष्य को अलविदा कहने का निर्णय लिया। अपने दोनों छोटे बच्चों की जिम्मेदारी संभालते हुए वह भारत वापस लौटीं। देश में आने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने का कठिन फैसला लिया। पहली बार में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी, लेकिन उन्होंने अपनी असफलता को कमजोरी मानने के बजाय उसे अनुभव का साधन बनाया और दोगुने जोश के साथ तैयारी जारी रखी।
खाकी की वर्दी और फिरोजाबाद से बंगाल तक का सफर
बुशरा बानो की मेहनत रंग लाई और वर्ष 2018 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने 277वीं रैंक हासिल की। उनका चयन इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (IRTS) के लिए हुआ। इस बीच यूपीपीसीएस का परिणाम भी आया, जिसमें उन्होंने छठी रैंक प्राप्त की और फिरोजाबाद में एसडीएम के पद पर कार्यभार संभाला। एसडीएम के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, विशेषकर अवैध खनन के खिलाफ उनकी कार्रवाई ने साबित कर दिया कि वह एक कुशल प्रशासक हैं। हालांकि, उनका असली लक्ष्य आईपीएस बनना था। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत जारी रखी और अंततः 234वीं रैंक हासिल कर पश्चिम बंगाल कैडर की आईपीएस अधिकारी बनकर अपने सपने को साकार किया।
विवाद और चर्चाओं के बीच अडिग सफर
वर्तमान में बुशरा बानो अपने एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चाओं में हैं, जिसमें उनके द्वारा किए गए धार्मिक अभिवादनों जैसे 'इंशाअल्लाह' और 'अस्सलामु अलैकुम' का उपयोग करने पर सवाल उठाए गए थे। एक आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी ड्यूटी निभाने और दो बच्चों की परवरिश करने के बीच उन्होंने जिस तरह के दबाव का सामना किया है, वह हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका जीवन हमें यह याद दिलाता है कि चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, दृढ़ संकल्प और सही दिशा में की गई मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।
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