चीन के हैनान प्रांत में बाढ़ का कहर, 31 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित

चीन के हैनान प्रांत में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिसके चलते 31 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर स्थानांतरित करना पड़ा है। स्थानीय प्रशासन ने कई इलाकों में सर्वोच्च स्तर की आपातकालीन प्रतिक्रिया लागू कर दी है।

चीन में कुदरत का रौद्र रूप

भारत में जहां मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है, वहीं हमारा पड़ोसी देश चीन इन दिनों भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। चीन का हैनान प्रांत इस समय जलमग्न हो गया है, जहां लगातार हो रही तेज बारिश ने स्थिति को चिंताजनक बना दिया है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने पड़ रहे हैं, ताकि आम नागरिकों की जान बचाई जा सके। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 31 हजार से ज्यादा लोगों को उनके घरों से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

बाढ़ का विकराल रूप और बारिश के आंकड़े

चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार शाम तक कुल 31,564 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। पिछले तीन दिनों की बात करें तो हैनान के 6 शहरों और काउंटियों के 24 टाउनशिप में 300 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस भारी बारिश का सबसे भयावह असर वानिंग, लिंगशुई और क्यॉन्गहाई इलाकों में देखा गया है। विशेष रूप से वानिंग के चांगफेंग टाउनशिप में सबसे ज्यादा 452.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिसने हालात को और बदतर बना दिया है। मौसम विभाग ने रविवार शाम से सोमवार तक और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं।

प्रशासन की सर्वोच्च आपातकालीन प्रतिक्रिया

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, हैनान प्रशासन ने रविवार सुबह बाढ़ नियंत्रण के लिए लेवल-2 आपातकालीन प्रतिक्रिया लागू कर दी थी। हालांकि, खतरे को और बढ़ता देख वानिंग में शाम 7 बजे से लेवल-1 आपातकालीन प्रतिक्रिया लागू की गई। उल्लेखनीय है कि चीन की चार-स्तरीय आपातकालीन व्यवस्था में लेवल-1 सबसे गंभीर और उच्चतम स्तर माना जाता है। इसके अलावा क्यॉन्गहाई, क्यॉन्गझोंग, वुझीशान, बाओटिंग और लिंगशुई में लेवल-2 की आपातकालीन प्रतिक्रिया जारी है। सुरक्षा के मद्देनजर इन प्रभावित क्षेत्रों में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं और कई प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी गई है। जिन सड़कों पर जलभराव की समस्या है, वहां यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है।

राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी

आपदा से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने दमकल विभाग और बचाव दलों को पहले ही अलर्ट मोड पर डाल दिया है। वानिंग, क्यॉन्गहाई और लिंगशुई जैसे अत्यधिक प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त बचाव कर्मियों और पानी निकालने वाली मशीनों व उपकरणों की खेप भेजी गई है। वहीं, बिजली और दूरसंचार विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जाए ताकि आवश्यक सेवाएं बहाल रहें।

भूस्खलन और आगामी खतरे

चीन के जल संसाधन मंत्रालय और मौसम विज्ञान प्रशासन ने दक्षिण-पूर्वी हैनान के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी दी है। भूस्खलन और अन्य भूगर्भीय आपदाओं के खतरे को भांपते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। स्थानीय अधिकारी नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर पल-पल की नजर रख रहे हैं। प्रशासन पुलों के डूबने, सड़कों के कटने और शहरी जलभराव को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इससे पहले 22 अगस्त को ग्वांगडोंग, गुआंग्शी और हैनान में लेवल-4 की प्रतिक्रिया शुरू की गई थी, जब इस साल का 19वां तूफान 'नर्रा' दक्षिणी चीन के तटों से टकराया था और भारी बारिश की आशंका जताई गई थी।

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