म्यूजिक की दुनिया में धीरेंद्र मुलकलवार का लंबा सफर
करीब 20 साल के लंबे संघर्ष के बाद संगीतकार धीरेंद्र मुलकलवार ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इतने सालों तक उन्होंने ग्लैमर की चकाचौंध से दूर रहकर म्यूजिक प्रोडक्शन, जिंगल्स और कई इंडिपेंडेंट प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उनके करियर का बड़ा हिस्सा बड़े बैनर की फिल्मों के बैकग्राउंड में गुजरा है। उन्होंने उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक, टॉयलेट: एक प्रेम कथा और आर्टिकल 15 जैसी सफल फिल्मों में म्यूजिक प्रोड्यूसर के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। बड़े प्रोडक्शन हाउस में काम करते हुए उन्होंने संगीत की बारीकियों को बहुत करीब से समझा और सीखा। उस दौरान वे बस एक ऐसे मौके की तलाश में थे, जहाँ उन्हें किसी फिल्म के लिए स्वतंत्र रूप से संगीत तैयार करने का मौका मिले। आखिरकार, उनका यह सपना फिल्म हनुमान अंश के साथ पूरा हुआ, जिसका निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। यह फिल्म नीम करोली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा पर केंद्रित है। इस फिल्म में धीरेंद्र द्वारा कंपोज किया गया गाना सियावर रामचंद्र की जय दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ है।
हनुमान अंश से बदला करियर का रास्ता
धीरेंद्र के लिए हनुमान अंश सिर्फ एक फिल्म या पहला सोलो प्रोजेक्ट नहीं था, बल्कि यह उनके दो दशकों के कठिन परिश्रम का परिणाम है। उनके लिए इस फिल्म का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि वे नीम करोली बाबा के परम भक्त हैं। वे मानते हैं कि एक स्वतंत्र संगीतकार के रूप में उनकी पारी उसी हस्ती पर आधारित फिल्म से शुरू हुई, जो उनके जीवन में आस्था का सबसे बड़ा केंद्र रहे हैं। हालांकि, म्यूजिक प्रोडक्शन में इतना अनुभव होने के बावजूद विज्ञापन जैसे छोटे प्रारूपों से निकलकर फीचर फिल्म के लिए पूरा संगीत तैयार करना उनके लिए बहुत चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने साझा किया कि लोग अक्सर उनकी काबिलियत पर शक करते थे और यह सवाल खड़ा करते थे कि क्या एक व्यक्ति जो छोटे प्रोजेक्ट्स में काम करने का अभ्यस्त है, वह फिल्म के बड़े कैनवास को संभाल पाएगा या नहीं।
फिल्म के संगीतकार धीरेंद्र मुलकलवार का कहना है, 'जब आप विज्ञापनों जैसे छोटे फॉर्मेट में काम करने के बाद मुख्यधारा की फिल्मों में आने की कोशिश करते हैं, तो अक्सर लोगों को लगता है कि आप बड़े प्रोजेक्ट्स के दबाव को संभाल पाएंगे या नहीं। मैंने कभी हिम्मत नहीं हारी। 20 साल के कड़े संघर्ष के बाद इस फिल्म से मुझे डेब्यू करने का मौका मिला और मैं स्टार बन गया। यह सब एक चमत्कार जैसा है।'
कैंची धाम की यात्रा और फिल्म का ऑफर
धीरेंद्र का हनुमान अंश से जुड़ाव उस आध्यात्मिक यात्रा से भी गहरा है, जिसे करने का वे सालों से मन बना रहे थे। वे पिछले 6-7 साल से कैंची धाम जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हर बार कोई न कोई बाधा आ जाती थी। आखिरकार पिछले साल अप्रैल के महीने में उन्हें वहां जाने का मौका मिला। धीरेंद्र बताते हैं कि इसे वे अपनी किस्मत मानते हैं। कैंची धाम से लौटने के महज 2-3 महीने के अंदर ही उनके पास विशाल चतुर्वेदी का फोन आया। जब उन्हें इस फिल्म के लिए संगीत देने का ऑफर मिला, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के इसे स्वीकार कर लिया। उनके अनुसार, यह मौका मिलना पहले से ही तय लग रहा था और उन्हें इसके बारे में सोचने की भी जरूरत नहीं पड़ी।
अब आने वाली है हनुमान अंश 2
विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी फिल्म हनुमान अंश को 7 अगस्त को बड़े पर्दे पर रिलीज किया गया था। यह फिल्म नीम करोली बाबा की आध्यात्मिक जीवन शैली को बहुत खूबसूरती से पेश करती है। फिल्म के अंत में कहानी का जो मोड़ दिया गया है, उससे साफ संकेत मिलते हैं कि आगे के अध्याय की योजना पहले से तैयार है। फिल्म के दूसरे भाग यानी हनुमान अंश 2 की घोषणा भी कर दी गई है। आने वाली फिल्म में बाबा की जन्मभूमि फिरोजाबाद से लेकर उनकी जड़ों और आगरा, मथुरा सहित अन्य महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थानों की यात्रा को दर्शाया जाएगा, जिससे दर्शक सीधे तौर पर जुड़ सकेंगे।
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