बिहार के मौसम का ताजा हाल
बिहार में मौसम की स्थिति लगातार बदल रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार के लिए राज्य के दक्षिण-पूर्व और सीमांचल के कुल 12 जिलों में हल्की बारिश के लिए येलो अलर्ट की घोषणा की है। हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। पटना की बात करें तो यहां दिन के समय तेज धूप और चिपचिपाहट भरी उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजधानी के मिजाज में बदलाव शाम के समय देखने को मिल सकता है, जब आसमान में बादल छा सकते हैं और कुछ क्षेत्रों में बारिश की फुहारें पड़ सकती हैं।
येलो अलर्ट वाले जिलों की सूची
मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए बारिश की संभावना जताई है, वहां के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित जिले शामिल हैं:
- सुपौल
- अररिया
- किशनगंज
- सहरसा
- मधेपुरा
- पूर्णिया
- खगड़िया
- भागलपुर
- कटिहार
- मुंगेर
- जमुई
- बांका
इसके अलावा बिहार के शेष 26 जिलों में फिलहाल बारिश का कोई आधिकारिक अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
क्यों बदल रहा है मौसम
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी और पश्चिम-मध्य हिस्से के पास, जो दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट से सटा हुआ है, वहां एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस सिस्टम के प्रभाव के कारण एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हो गया है, जिसके अगले 24 घंटों में और अधिक शक्तिशाली होने के आसार हैं। यह मौसमी तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से बिहार के कई हिस्सों में नमी पहुंच रही है और हल्की बारिश की अनुकूल स्थिति बन रही है। हालांकि, राज्य में फिलहाल किसी भी स्थान पर बहुत भारी या व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना नहीं है।
तापमान और उमस की स्थिति
आने वाले पांच दिनों तक तापमान में कोई विशेष उलटफेर नहीं देखा जाएगा। रात के न्यूनतम तापमान के स्थिर बने रहने की उम्मीद है। पिछले शुक्रवार को पटना जिला प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा गया में 33.8 डिग्री सेल्सियस, औरंगाबाद में 32.4 डिग्री सेल्सियस, नवादा में 32.0 डिग्री सेल्सियस, भागलपुर में 32.0 डिग्री सेल्सियस, मुजफ्फरपुर में 31.8 डिग्री सेल्सियस और पूर्णिया में 31.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
पिछले 24 घंटों में बारिश का आंकड़ा
पिछले एक दिन के भीतर राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। औरंगाबाद में सबसे अधिक 123 मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं जमुई में 76 मिलीमीटर, भागलपुर में 74 मिलीमीटर, रोहतास में 60 मिलीमीटर और मधेपुरा में 53 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इन सबके बावजूद, इस बार मानसून सीजन में राज्य में अब तक सामान्य से 34 फीसदी कम बारिश हुई है। 11 सितंबर तक प्रदेश में 858.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तव में केवल 564.6 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है।
बाढ़ का गंभीर संकट
बारिश में कमी के बावजूद बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का कहर कम नहीं हुआ है। राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांवों में लगभग 44 लाख लोग पानी की समस्या से घिरे हुए हैं। राज्य की 8 बड़ी नदियां लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों के 27,954 लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
किसानों के लिए फसल सहायता राशि
बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने जानकारी दी कि सरकार ने 'बिहार राज्य फसल सहायता योजना' के माध्यम से खरीफ फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता वितरित की है। कुल 1,17,708 किसान लाभार्थियों को 1 अरब 4 करोड़ 46 लाख 46 हजार 405 रुपये की धनराशि दी गई है। इस योजना के तहत यदि उपज में 20 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है, तो 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर और यदि नुकसान 20 प्रतिशत से अधिक है, तो 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मदद प्रदान की गई है। यह पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा संचालित योजना है जिसमें किसानों को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता है।
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