ब्रिक्स का बढ़ता प्रभाव और ग्लोबल इकोनॉमी
दुनिया की नजरें इस समय ब्रिक्स बिजनेस फोरम पर टिकी हैं, जहां भारत मंडपम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स देशों की बढ़ती वैश्विक क्षमता का उल्लेख किया। इस मंच से उन्होंने साझा किया कि किस तरह मात्र चार देशों के साथ शुरू हुआ यह समूह आज 21 देशों का एक विशाल परिवार बन चुका है। प्रधानमंत्री के अनुसार, आज ब्रिक्स सदस्य देश दुनिया की कुल 40 प्रतिशत जीडीपी और 25 प्रतिशत से अधिक व्यापारिक गतिविधियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह आंकड़े वैश्विक स्तर पर ब्रिक्स के बढ़ते दबदबे को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की उपस्थिति ने इस सम्मेलन की गंभीरता को और अधिक बढ़ा दिया है, जहाँ सभी नेताओं ने एक साझा आर्थिक विजन पर चर्चा की।
बीते 20 वर्षों का शानदार आर्थिक सफर
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स के पिछले 20 वर्षों की यात्रा पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने सांख्यिकीय आंकड़ों के माध्यम से यह समझाया कि ब्रिक्स देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था किस प्रकार तीव्र गति से आगे बढ़ी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दो दशकों में जहां वैश्विक जीडीपी में लगभग ढाई गुना की बढ़ोतरी हुई है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी में साढ़े चार गुना का प्रभावशाली उछाल देखा गया है। यह विकास दर न केवल ब्रिक्स की मजबूती को दिखाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा और दशा तय करने में इन देशों की भूमिका निर्णायक होगी। 25 प्रतिशत से अधिक के वैश्विक व्यापार पर कब्जा करने के बाद, ब्रिक्स अब आर्थिक विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है।
भारत की स्टार्टअप और डिजिटल नवाचार की कहानी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार की यात्रा को विश्व मंच पर रखा। उन्होंने बताया कि भारत आज वैश्विक समस्याओं के समाधान खोजने का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। भारत के स्टार्टअप एआई, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। इसके अतिरिक्त, भारत रक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि अब ब्रिक्स के माध्यम से इन विश्व-स्तरीय नवाचारों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। भारत की अध्यक्षता का मूल मंत्र रेजिल्यंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी है, जो भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।
डिजिटल क्रांति और यूपीआई का दबदबा
भारत की तकनीकी प्रगति पर बात करते हुए, पीएम ने यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस की सफलता को रेखांकित किया। भारत के इस डिजिटल भुगतान मॉडल ने वित्तीय समावेशन को जिस प्रकार से गति दी है, वह दुनिया के लिए एक उदाहरण है। पीएम ने गर्व के साथ बताया कि आज दुनिया भर में होने वाले कुल 50 प्रतिशत रियल टाइम ट्रांजैक्शन भारत की इस तकनीक या इससे जुड़े ढांचे के माध्यम से हो रहे हैं। इसके साथ ही, भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक बाधाओं को दूर करने के लिए लगातार आर्थिक सेतु का निर्माण कर रहा है। भारत ने अब तक 40 देशों के साथ एफटीए यानी मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जो ब्रिक्स की बढ़ती गति को दर्शाते हैं।
पुतिन ने पश्चिमी प्रतिबंधों पर साधा निशाना
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सम्मेलन के दौरान पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों पर मुखर होकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस किसी अन्य राष्ट्र के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने हितों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। पुतिन ने बताया कि रूस पर अब तक 30 हजार से अधिक विभिन्न प्रकार के प्रतिबंध थोपे जा चुके हैं, बावजूद इसके रूसी अर्थव्यवस्था 10.3 प्रतिशत की शानदार दर से प्रगति कर रही है। उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक नए निवेश प्लेटफॉर्म के गठन का प्रस्ताव रखा, जिससे सदस्य देशों को फंडिंग और विकास के लिए बड़ी मदद मिल सकेगी।
ईरान का नेशनल करेंसी में व्यापार पर जोर
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ब्रिक्स सम्मेलन में नेशनल करेंसी यानी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करने की जोरदार वकालत की। उन्होंने ब्रिक्स के अपने बैंक, जिसे एनडीबी के नाम से जाना जाता है, उसे और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन के जोखिमों को कम करने के लिए आपसी व्यापार को राष्ट्रीय मुद्राओं में करना समय की मांग है। उन्होंने सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के बीच सीधा संबंध बताते हुए वैश्विक व्यापार के नियमों में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका यह सुझाव भविष्य में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक ढांचे को बदलने की क्षमता रखता है।
https://hindi.news18.com/news/nation/pm-modi-speech-brics-business-forum-bharat-mandapam-new-delhi-putin-pezeshkian-10826411.html