जॉली जोसेफ मामला: पहले रचाई शादी, फिर दिया प्यार का साइनाइड, 22 साल बाद ऐसे बेनकाब हुआ एनआईटी प्रोफेसर का खौफनाक झूठ

केरल के कोझिकोड में छह लोगों की रहस्यमयी मौत के पीछे खुद को एनआईटी प्रोफेसर बताने वाली जॉली जोसेफ का हाथ था, जिसने संपत्ति और शादी के लिए पूरे परिवार को साइनाइड देकर खत्म कर दिया।

केरल का कोझिकोड जिला अपनी शांत वादियों और खूबसूरत नजारों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसी जिले के एक छोटे से कस्बे कूडथाई में एक ऐसी खौफनाक साजिश रची जा रही थी, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। यह कहानी है जॉली जोसेफ की, जिसने खुद को कोझिकोड NIT की प्रोफेसर बताकर समाज में अपना एक रुतबा कायम किया था। लेकिन इस सफेदपोश चेहरे के पीछे एक बेहद शातिर हत्यारा छिपा हुआ था, जिसने 20 साल के दौरान अपने ही परिवार के 6 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इस खौफनाक मर्डर मिस्ट्री का राज 22 साल तक दफन रहा, लेकिन अपराधी चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, उसकी एक छोटी सी गलती आखिरकार उसे सलाखों के पीछे ले ही आई। आइए जानते हैं कि कैसे सुलझी प्यार, लालच और साइनाइड के इस सनसनीखेज खेल की गुत्थी।

1997 की वह शादी और थॉमस परिवार में खुशियों का आगमन

इस खौफनाक दास्तान की शुरुआत 14 जुलाई 1997 को हुई थी। यह वह दिन था जब जॉली जोसेफ दुल्हन बनकर कूडथाई कस्बे के प्रतिष्ठित थॉमस परिवार में आई थी। रॉय थॉमस के साथ उसकी शादी पूरे रीति-रिवाज से हुई थी और घर के लोग अपनी नई बहू को पाकर बेहद खुश थे। जॉली बेहद मिलनसार थी, हर सुबह तैयार होकर कोझिकोड NIT पढ़ाने जाने का दावा करती थी, नियमित रूप से चर्च जाती थी और पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखती थी। परिवार और समाज में उसकी छवि एक आदर्श और पढ़ी-लिखी महिला की बन चुकी थी। लेकिन किसी को भी इस बात का जरा सा भी इल्म नहीं था कि यह खुशहाली बहुत जल्द एक भयावह त्रासदी में तब्दील होने वाली है।

पहला शिकार: 2002 में सास अन्नम्मा थॉमस की रहस्यमयी मौत

शादी के पांच साल तक सब कुछ सामान्य चलता रहा, लेकिन साल 2002 में थॉमस परिवार को पहला बड़ा झटका लगा। जॉली जोसेफ की 57 साल की सास अन्नम्मा थॉमस अचानक एक रहस्यमयी बीमारी की चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई। घर की सबसे वरिष्ठ महिला की अचानक मौत से पूरा परिवार सदमे में आ गया। चूंकि परिवार में किसी को भी कोई संदेह नहीं था, इसलिए अन्नम्मा के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और इसे एक सामान्य मौत मान लिया गया। इस घटना के बाद घर की रौनक पूरी तरह से गायब हो गई, लेकिन समय के साथ लोग इस दुख से उबरने की कोशिश करने लगे।

दूसरा शिकार: 2008 में ससुर टॉम थॉमस की तड़पकर निकली जान

सास की मौत के छह साल बाद, यानी साल 2008 में इस परिवार पर मौत का दूसरा साया मंडराया। एक दिन घर के भीतर से अचानक चीख-पुकार मच गई। जॉली जोसेफ घबराई हुई हालत में बाहर आई और पड़ोस के एक युवक को मदद के लिए आवाज दी। जब लोग भीतर पहुंचे, तो जॉली के 66 साल के ससुर टॉम थॉमस जमीन पर पीठ के बल गिरे हुए थे, उनके मुंह से झाग निकल रहा था और वे बुरी तरह तड़प रहे थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने मौत की वजह दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक बताई। इस मौत के बाद एक और हैरान करने वाली बात सामने आई कि टॉम थॉमस ने अपनी वसीयत में अपनी पूरी संपत्ति अपनी बहू जॉली और बेटे के नाम कर दी थी, बल्कि मौत से ठीक पहले ही यह संपत्ति जॉली के नाम ट्रांसफर भी हो चुकी थी।

तीसरा शिकार: 2011 में उजड़ गया सुहाग, सामने आई साइनाइड की सच्चाई

माता-पिता की मौत के बाद घर में केवल यादें ही बची थीं। समय बीतता गया और साल 2011 में जॉली के पति रॉय थॉमस की भी मौत हो गई। मौत का तरीका बिल्कुल वैसा ही था जैसा उनके पिता टॉम थॉमस का था। 40 साल का रॉय थॉमस बाथरूम के फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ा मिला और उसके मुंह से भी झाग आ रहा था। जॉली ने शोर मचाकर पड़ोसियों को इकट्ठा किया। इस बार रॉय के मामा मैथ्यू को कुछ गड़बड़ लगी और उन्होंने पोस्टमार्टम कराने की जिद की। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ने सबके होश उड़ा दिए, क्योंकि मौत की वजह दिल का दौरा नहीं बल्कि साइनाइड का सेवन था। हालांकि, पुलिस ने उस समय इसे आत्महत्या का मामला मानकर फाइल बंद कर दी और जॉली ने भी समाज में यही बात फैलाई कि उसके पति ने आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या की है।

2014 में चौथी और पांचवीं मौत: मासूम बच्ची भी नहीं बची

रॉय थॉमस की मौत के तीन साल बाद, यानी साल 2014 में जॉली की राह में रोड़ा बन रहे रॉय के मामा मैथ्यू की भी अचानक मौत हो गई। जॉली ने इसे भी दिल का दौरा ही करार दिया। इसी साल रॉय थॉमस के चचेरे भाई शाजू सखारियास की महज 2 साल की मासूम बेटी अल्पाइन की एक नामकरण समारोह के दौरान रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई। दावा किया गया कि गले में खाना फंसने के कारण बच्ची की जान गई है, लेकिन हकीकत कुछ और ही थी।

2016 में छठी मौत और 2017 में जॉली की दूसरी शादी

मौत का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। साल 2016 में शाजू सखारियास की पत्नी सिली की भी अचानक तबीयत बिगड़ी और उनकी मृत्यु हो गई। इस मौत के बाद जो घटना घटी, उसने सभी को हैरान कर दिया। साल 2017 में जॉली जोसेफ ने शाजू सखारियास से दूसरी शादी कर ली। यह वही शाजू था जिसकी पत्नी सिली और बेटी अल्पाइन की पहले ही मौत हो चुकी थी।

वसीयत का विवाद और 22 साल पुराने सफेद झूठ का पर्दाफाश

लगातार हो रही मौतों और जॉली की दूसरी शादी ने रॉय थॉमस के भाई रोजो थॉमस के मन में गहरे संदेह पैदा कर दिए। रोजो अमेरिका में रहता था, लेकिन जब उसने अपने पिता की वसीयत की जांच की, तो उसे पता चला कि वसीयत में जालसाजी की गई है। रोजो ने जब गहराई से छानबीन शुरू की, तो सबसे पहला और बड़ा खुलासा यह हुआ कि जॉली जोसेफ कभी कोझिकोड NIT की प्रोफेसर थी ही नहीं। वह पिछले 22 साल से रोज सुबह सज-धजकर घर से निकलती थी, लेकिन वह कॉलेज जाने के बजाय कहीं और जाती थी। इसके अलावा, रोजो ने ध्यान दिया कि परिवार में हुई सभी छह मौतों के समय जॉली घटना स्थल पर या उसके आसपास मौजूद थी।

2019 में गिरफ्तारी और रोंगटे खड़े करने वाला कबूलनामा

रोजो थॉमस और उसकी बहन ने अपनी शंकाओं के साथ कोझिकोड पुलिस की क्राइम ब्रांच से संपर्क किया। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (SP) के.जी. साइमन के नेतृत्व में पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू की। पुलिस ने जब जॉली से पूछताछ की, तो उसके बयानों में 50 से अधिक विसंगतियां पाई गईं। आखिरकार, कड़ाई से की गई पूछताछ में जॉली जोसेफ टूट गई और उसने संपत्ति हड़पने और शाजू सखारियास से शादी करने के लिए परिवार के सभी छह सदस्यों की हत्या करने की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि वह सभी को खाने की चीजों में चुपचाप साइनाइड मिलाकर देती थी।

वर्तमान स्थिति: इंसाफ की आस में थॉमस परिवार

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद साल 2019 में जॉली जोसेफ को गिरफ्तार कर लिया गया। वर्तमान में मुख्य आरोपी जॉली जोसेफ कन्नूर महिला जेल में बंद है। इस मामले में दूसरा आरोपी एम.एस. मैथ्यू भी न्यायिक हिरासत में है, जबकि तीसरे आरोपी प्राजीकुमार को अदालत से जमानत मिल चुकी है। इस पूरे मामले की सुनवाई विशेष अदालत में चल रही है और पूरा देश इस खौफनाक मामले में अंतिम फैसले का इंतजार कर रहा है ताकि पीड़ित परिवार को पूरी तरह से न्याय मिल सके।

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