सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी
उत्तराखंड के हल्द्वानी में स्थित बनभूलपुरा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल और सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। रेलवे की करीब 29 हेक्टेयर जमीन पर कथित अतिक्रमण से जुड़े इस संवेदनशील मामले में 9 सितंबर को शीर्ष अदालत से कोई बड़ा फैसला आने की उम्मीद है। इसी के मद्देनजर पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा बेहद मजबूत कर दिया गया है। नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने स्वयं बनभूलपुरा पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत का जायजा लिया है। उन्होंने तैनात अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील इलाकों में हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए।
दो सुपर जोन और चार जोन में बंटा इलाका
पुलिस ने इस पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से दो सुपर जोन और चार जोन में विभाजित किया है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के लिए तीन पुलिस अधीक्षक, पांच क्षेत्राधिकारी और 15 थानाध्यक्षों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए पीएसी की दो कंपनियां मौके पर तैनात की गई हैं। इलाके की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए ड्रोन की दो टीमें लगाई गई हैं, जो संकरी गलियों और घरों की छतों पर विशेष निगरानी रखेंगी। पुलिस की जमीनी गश्त भी लगातार जारी रहेगी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
दंगा रोधी और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात
प्रशासन किसी भी प्रकार के जोखिम से बचने के लिए पूरी तरह तैयार है। सुरक्षा इंतजामों के तहत अग्निशमन विभाग की चार यूनिट और यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए चार टीमें तैनात की गई हैं। इसके अतिरिक्त किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बम निरोधक दस्ता, हॉक पुलिस की दो यूनिट, आंसू गैस की दो टीमें और दंगा रोधी दो टीमें तैनात हैं। पुलिस के अनुसार, यदि स्थिति की मांग हुई तो फायरिंग दस्ते और अन्य जरूरी संसाधन भी मौके पर तुरंत उपलब्ध कराए जाएंगे।
छतों पर सामान जमा करने वालों पर सख्त चेतावनी
स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी घर की छत पर पत्थर, ईंट, रोड़ी, मलबा, हथियार या किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री जमा पाई गई, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। एसएसपी ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करें और इलाके में शांति व सौहार्द का माहौल बनाए रखें। इसके अलावा, साइबर सेल के माध्यम से सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अफवाह फैलाने, भ्रामक जानकारी साझा करने या भड़काऊ टिप्पणी करने वालों को सीधे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अतिक्रमण और कानूनी लड़ाई का बैकग्राउंड
रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, उसकी जमीन पर कुल 4,365 परिवारों ने कथित रूप से अतिक्रमण कर रखा है, जिसमें करीब 50 हजार लोगों के निवास करने का दावा किया गया है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दिसंबर 2022 में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था, जिसके बाद प्रभावित परिवारों ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। वर्तमान में यह मामला शीर्ष अदालत में लंबित है और अब फैसले की घड़ी नजदीक आने के कारण बनभूलपुरा में सुरक्षा का चाक-चौबंद इंतजाम प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बना हुआ है।
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