आत्मनिर्भरता की राह पर बागेश्वर की महिलाएं
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहां की महिलाओं ने न केवल खुद को साबित किया है, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता का एक नया उदाहरण भी पेश किया है। बागेश्वर स्थित विकास भवन और जिला कार्यालय में चल रही कैंटीनों का संचालन अब पूरी तरह से स्थानीय महिलाओं के हाथों में है।
छोटे स्तर से शुरू हुआ बड़ा सफर
इस सराहनीय पहल के बारे में जानकारी देते हुए समूह की सदस्य सुनीता टम्टा ने बताया कि इस काम की शुरुआत मात्र 5 महिलाओं के साथ हुई थी। समय के साथ जैसे-जैसे काम का दायरा बढ़ा और ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ, वैसे-वैसे इस समूह से जुड़ने वाली महिलाओं की तादाद भी बढ़ती चली गई। आज इस समूह से 15 से अधिक महिलाएं जुड़कर काम कर रही हैं।
सफलता और विस्तार
कैंटीन के कामकाज में कुशलता और बेहतर सेवा के कारण इन्हें विस्तार करने का अवसर भी मिला। अपनी मेहनत और समर्पण के दम पर इन महिलाओं ने विकास भवन के बाद जिला कार्यालय में भी कैंटीन चलाने का जिम्मा हासिल किया। सुनीता टम्टा के अनुसार, इस काम ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है और अब वे अपनी मेहनत के जरिए सम्मानजनक आय अर्जित करने में सफल हो रही हैं।
आर्थिक मजबूती और भविष्य
समूह की एक अन्य सदस्य भावना रावत ने बताया कि कैंटीन के सफल संचालन से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है। घर की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ यह आय उन्हें भविष्य के लिए भी मजबूत बना रही है। बागेश्वर की इन महिलाओं की यह पहल यह दर्शाती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो छोटे से काम से भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
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