भारतीय रसोई में मसालों का उपयोग सिर्फ भोजन का स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि विभिन्न शारीरिक बीमारियों के इलाज के लिए भी किया जाता रहा है। इन्हीं औषधीय मसालों में से एक महत्वपूर्ण नाम है लौंग का। लौंग को आयुर्वेद में एक अत्यंत गुणकारी औषधि के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में दर्द निवारक के रूप में बेहद असरदार साबित हो सकती है।
बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर में पदस्थापित आयुर्वेद चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वरुण कुमार झा ने लौंग के विभिन्न औषधीय गुणों और इसके सही इस्तेमाल के बारे में बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। डॉ. झा के अनुसार, कई बार अचानक आधी रात को या ऐसी परिस्थितियों में दर्द उठ जाता है जब तत्काल डॉक्टर के पास जाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे समय में रसोई में रखी लौंग का इस्तेमाल एक प्रभावी प्राथमिक उपचार साबित हो सकता है।
आइए विस्तार से जानते हैं डॉ. वरुण कुमार झा द्वारा बताए गए लौंग के 4 सबसे बेहतरीन और कारगर उपयोग, जो आपको दर्द और तकलीफ से तुरंत राहत दिला सकते हैं:
1. दांतों के दर्द और मसूड़ों की सूजन का अचूक उपाय
अचानक दांत में होने वाला तेज दर्द किसी को भी बेहाल कर सकता है। डॉ. झा बताते हैं कि दांत के दर्द में लौंग का उपयोग करना सबसे ज्यादा फायदेमंद और तत्काल राहत देने वाला होता है।
- दांत के नीचे लौंग दबाना: यदि आपके दांतों में कीड़ा लगने से दर्द हो रहा है या फिर मसूड़ों में तेज सूजन आ गई है, तो दर्द से प्रभावित हिस्से पर एक लौंग रख लें और उसे धीरे-धीरे दबाकर रखें। इसका रस जैसे-जैसे दांत में जाएगा, दर्द शांत होने लगेगा।
- लौंग के तेल का प्रयोग: यदि मसूड़ों में सूजन अधिक है, तो लौंग का तेल भी बेहद लाभकारी साबित होता है। रुई के एक छोटे से फाहे में दो बूंद लौंग का तेल टपकाकर उसे प्रभावित दांत पर रख लें। यह बैक्टीरिया को नष्ट करता है और दर्द को तुरंत कम करने में मदद करता है।
2. गले की खराश और भारी आवाज में तुरंत आराम
बदलते मौसम, ठंड लगने या किसी संक्रमण की वजह से अक्सर गला बैठ जाता है, गले में दर्द होता है या फिर आवाज भारी हो जाती है। ऐसी स्थिति में भी लौंग एक बेहतर औषधि का काम करती है।
गले की समस्याओं से राहत पाने के लिए एक लौंग को मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसना चाहिए। इसे चबाने के बजाय धीरे-धीरे चूसने से इसका औषधीय अर्क गले की नलियों तक पहुंचता है, जिससे संक्रमण कम होता है और बैठे हुए गले को तुरंत राहत मिलती है।
3. पेट दर्द, गैस और पेट के कीड़ों का खात्मा
लौंग में प्राकृतिक रूप से एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो पेट के भीतर पलने वाले हानिकारक कीटाणुओं और कीड़ों को नष्ट करने में सहायक होते हैं। यदि आपको पेट में मरोड़, दर्द या अत्यधिक गैस बनने की समस्या है, तो लौंग का सेवन आपके लिए बहुत लाभकारी हो सकता है।
पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखने के लिए डॉ. झा सलाह देते हैं कि दोपहर या रात के भोजन के बाद एक से दो लौंग को चबाकर खाना चाहिए। इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है और पेट की गड़बड़ी से राहत मिलती है।
4. जोड़ों के दर्द और सूजन के लिए तेल की मालिश
गठिया, उम्र का बढ़ना या शारीरिक कमजोरी के कारण जोड़ों में होने वाले दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए लौंग के तेल की मालिश अत्यंत लाभकारी होती है।
लौंग के तेल को हल्का गुनगुना गर्म कर लें और फिर दर्द से प्रभावित जोड़ों पर हल्के हाथों से मालिश करें। डॉ. झा के अनुसार, इस तेल की मालिश से उस विशेष स्थान पर रक्त का संचार बढ़ जाता है, जिससे जोड़ों की सूजन कम होती है और दर्द में तेजी से राहत मिलती है।
डॉक्टर की विशेष सलाह
डॉ. वरुण कुमार झा का सुझाव है कि प्रत्येक परिवार को अपनी रसोई में लौंग को एक आवश्यक प्राथमिक औषधि के रूप में जरूर रखना चाहिए, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में इसका तत्काल उपयोग किया जा सके। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि ये केवल तात्कालिक और आपातकालीन राहत के घरेलू उपाय हैं। यदि आपकी शारीरिक समस्या गंभीर रूप ले चुकी है या दर्द लगातार बना रहता है, तो बिना देरी किए किसी योग्य चिकित्सक से मिलकर उचित परामर्श और उपचार कराना आवश्यक है।
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